बहुत होशियार होते हैं पौधे, फटाक से सीख जाते हैं नई आदतें

बहुत होशियार होते हैं पौधे, फटाक से सीख जाते हैं नई आदतें एक नए अध्ययन में पहली बार पौधों की इस विशेषता के बारे में बताया गया है

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जयपुर। पेड़-पौधों के बारे में कहा जाता है कि वह भी हमारी तरह हर एक चीज को महसूस करते हैं, हर एक एहसास को अपने अंदर समेट लेते हैं। अब तक तो इंसानी होशियारी के किस्से ही आपने सुने होंगे मगर पहली बार अनुसंधान से यह पता चला है कि पौधों में भी होशियारी पाई जाती है। जी हां, पौधे भी हम इंसानों की तरह बुद्धिमान होते हैं। यह बात शोधकर्ताओं ने पौधों पर कई सारे प्रयोग करने के बाद कही हैं।

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गौरतलब है कि पेड़ पौधों के बारे में कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं। मगर अब तक इन कथित बातों को विज्ञान की कसौटी पर परखा नहीं गया था। पहली बार पौधों की होशियारी को टेस्ट करने के लिए किए गए टेस्ट में यह पता चला है कि पौधे भी हमारी तरह दिमाग लगाकर काम करते हैं। हालांकि यह बात पता करना इतना आसान नहीं था। इसीलिए शोधकर्ताओं ने पौधों को लेकर कई तरह के प्रयोग किये थे।

तमाम तरह के प्रयोगों से यह चीज साबित हो गई है कि पौधे ना केवल अपने आसपास के वातावरण से नई नई चीजें सीखते हैं, बल्कि परिस्थिति के अनुसार वे भी इंसानी सोच की तरह काम करने लगते हैं। हालांकि अब तक यही माना जाता रहा है कि सोचने समझने की यह ताकत केवल मनुष्य के पास ही है। मगर पादप जगत में भी यह दिमागदारी पाई जाती है। इसी वजह से कई बार बगीचे में लगे कई पौधों के दरमियां अजीबोगरीब विभिन्नताएं देखने को मिलती हैं।

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यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने कई सालों के शोध के बाद ये नतीजे जारी किए हैं। शोध टीम की माने तो पौधे भी अपने आसपास के वातावरण के अनुसार ढल जाते हैं। इस दौरान यही शोध कुत्तों पर भी किया गया। वही नतीजे दोनों तरफ से प्राप्त किए गए। कहने का मतलब यह है कि जानवरों की तरह  पौधों में भी अपना भला बुरा समझने की कुदरती शक्ति होती है।

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