सिलिकान के बाद इस तत्व के आधारित हो सकता है अंतरिक्ष में जीवन

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जयपुर। हमने आपको पहले वाले आलेख में बताया था कि सिलिकान आदारीत जीवन हो सकते है। सिलिकान ही है जो कार्बन को मात दो सकता है। लेकिन यह कुछ परिस्थितियों में यह फेल हो जाता है। इसी कारण से इसको जीवन का आधार नहीं माना गया है इसके बारे में आप इस लिंक से आधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है http://www.samacharnama.com/carbon-based-life-does-not-exist-but-it-is-the-hope-of-life/

http://www.samacharnama.com/due-to-these-challenges-life-can-not-be-possible-from-silicon/ । सिलिकान के पश्चात शोधकर्ताओं ने बोरान को जीवन को आधार माना है इनका कहना है कि यही एक अकेला तत्व है जो कि कार्बन को चुनौती दे सकता है। वैज्ञानिक बताते है कि यह तत्व आवर्तसारणी मे कार्बन के बांए ओर स्थित है। जबकि सिलिकान कार्बन के नीचे की और स्थित है। आपको जानकारी दे दे कि जैव रसायनशास्त्रीयों की बोरान मे दिलचस्पी इस कारण से है कि इसके द्वारा प्रदर्शित बहुआयामी तथा अत्याधिक असामान्य रासायनिक व्यवहार। बोरोन सिलिकान के जैसे ही उच्च तापमान पर बहुत से यौगिक का निर्माण कर सकता है।

वैज्ञानिकों ने इसके बारे में अधिक शोध नहीं किया है इन्होंने बताया कि बोरान रसायन का अध्ययन समुचित तरिके से नही किया है। इसके साथ ही यह भी मेंशन किया है कि जैवरसायन मे इस तत्व की बहुत सी ज्ञात कमीयाँ है। सर्वप्रथम इसकी कमी है कि बोरान हायड्रोकार्बन के समरूप या सरल शृंखला रूपी आधार अणुओं का निर्माण करने में असक्षम है जो कि जटिल जैव अणु के लिये रीढ़ प्रमुख होते है। दूसरी कमी है कि बोरान प्रकृति मे आसानी से पाया नही जाता है जो सबसे बड़ी समस्या है।

पृथ्वी पर भूपर्पटी मे सिलिकान की तुलना मे यह एक लाख गुणा कम तथा कार्बन की तुलना मे 100 गुणा कम पाया जाता है। कुल मिला कर इसका  निष्कर्ष निकलता है कि यदि कहीं बोरान उपलब्ध है तो कार्बन भी उप्लब्ध होगा। तो वैज्ञानिकों ने माना कि यदि बोरान आधारित जीवन कहीं पनपता है जो कार्बन आधारित जीवन पनपने की संभावना 100 प्रतिशत अधिक होगी। इसी के साथ ही सिलिकान आधारित जीवन होने की संभावना बोरान आधारित जीवन से अधिक होगी। बता दे कि तृतीय बोरान आक्साईड (BO)ठोस होता है जोकि बोरान आधारित जैव प्रक्रियाओं का उत्पाद करता है।

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