इस सिंड्रोम से आपको बचाएगा ऊंट, जानिए कैसे

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बहुत से लोग ये मानते हैं कि पिछले साल फैला Middle East Respiratory Syndrome (MERS) ऊंट की वजह से फैला था पर क्या आपको पता है कि इस खतरनाक सिंड्रोम से हमें ऊंट की बचा सकता है। हाल ही में  Journal of Virology प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चला है कि ऊंटों से पैदा हुए एंटीबॉडी के चूहों पर किए गए टेस्टों में ये पाया गया कि इनसे इस सिंड्रोम के इंफेक्शन से बचा जा सकता है। इन एंटीबॉडीज से मर्स के रोगियों को बचाया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की एक रिपोर्ट के अनुसार इस तरह के संक्रमण से पिछली साल 33 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। क्योंकि कोई वैक्सीन या प्रभावी उपचार वर्तमान में इसके लिए उपलब्ध नहीं है।

सऊदी अरब के दो ऐसे क्षेत्र हैं जहां ये वायरस के पैदा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हाल ही के अध्ययनों में ये सामने आया कि इसके प्रकोपों ​​की संख्या में पिछले दो सालों में करीब 1,000 लोगों के नए मामले सामने आएं हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ये कहा गया है कि इस तरह की महामारी आगे किसी भी समय पैदा हो सकती है। यही कारण है कि वैज्ञानिक इसके वायरस को रोकने के लिए एक वैक्सीन विकसित करने की योजना बना रहे हैं।

सामान्य तरीके से पहले इसके लिए एक वैक्सीन बनाई गई थी जो कि ज्यादा समय तक काम नहीं कर पाती थी। वो एंटीबॉडी को अलग करने के बाद वायरस के प्रभाव को कम कर देती है लेकिन उसका असर बहुत ही जल्दी खत्म हो जाता है। इसके अलावा पिछले अध्ययनों से ये भी पता चला है कि MERS के लिए मनुष्यों पर काम करने के लिए वैक्सीन ऊंटों से बनाई जा सकती है।

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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