Xi Chinfing ने फ्रांसीसी और जर्मन नेताओं के साथ वीडियो शिखर सम्मेलन में भाग लिया

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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 16 अप्रैल को दोपहर बाद पेइचिंग में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ वीडियो सम्मेलन में भाग किया। तीनों देशों के नेताओं ने जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में सहयोग, चीन-यूरोप संबंध, महामारी-रोधी सहयोग और महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन विचारों का आदान-प्रदान किया।

शी चिनफिंग ने कहा कि चीन उत्सर्जन को कम करने वाले वचन का पालन करेगा और जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में फ्रांस और जर्मनी के साथ मिलकर सहयोग मजबूत करना चाहता है। चीन रणनीतिक ऊंचाई पर चीन-यूरोप संबंध का विकास करेगा।

शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि चीन ने प्रयास करते हुए 2030 के पूर्व कार्बन के चरम पर पहुंच जाने और 2060 तक कार्बन तटस्थता प्राप्त करने का ऐलान किया। इसका मतलब है कि विश्व में सबसे बड़े विकासशील देश होने के नाते चीन दुनिया के सबसे अधिक कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता में कमी को पूरा करेगा और वैश्विक इतिहास में सबसे कम समय में कार्बन के चरम पर पहुंचने से कार्बन तटस्थता को साकार करेगा।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करना मानव जाति का समान कार्य है, जिसे भू-राजनीति की सौदेबाजी चिप, दूसरे देश पर हमला करने का साधन और व्यापारिक बाधाओं का बहाना नहीं बनाया जाना चाहिए। चीन को आशा है कि विकसित आर्थिक इकाइयां उत्सर्जन को कम करने पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाएंगे।

शी चिनफिंग ने यह भी कहा कि चीन उच्चस्तरीय खुलेपन का विस्तार करेगा। फ्रांस और जर्मनी के उद्योगों समेत विदेशी निवेश वाले कारोबारों के लिए न्याय, निष्पक्ष और गैर-भेदभाव वाला व्यापारिक वातावरण मुहैया कराएगा। आशा है कि यूरोपीय पक्ष भी चीनी कंपनियों के साथ इस तरह के सकारात्मक रवैये के साथ व्यवहार करेंगे, चीन के साथ चीन-यूरोपीय संघ के बीच हरित और डिजिटल साझेदारी को विस्तार और मजबूत करेंगे और महामारी के खिलाफ लड़ाई जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करेंगे।

मैक्रॉन ने कहा कि फ्रांस चीन के साथ मिलकर फ्रांस-चीन, यूरोपीय संघ-चीन आर्थिक संबंध के आगे विकास को बढ़ावा देना चाहता है। इसके साथ ही फ्रांस चीन के साथ वैक्सीन के निष्पक्ष वितरण पर सहयोग बढ़ाना चाहता है और ईरानी परमाणु व अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर समन्वय मजबूत करने को भी तैयार है।

वहीं, मर्केल ने कहा कि जर्मनी, फ्रांस और चीन तीनों देशों के बीच जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में सहयोग को मजबूत करना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्हें आशा है कि दोनों पक्ष ‘चीन-यूरोप निवेश संधि’ के प्रभावी होने की पुष्टि जल्दी ही करेंगे।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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