Corona के खिलाफ लड़ाई में भारत की मदद के लिए 10 करोड़ रुपये दान देगी Vivo

0

स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी वीवो ने कोविड की दूसरी लहर के खिलाफ भारत की लड़ाई में अपना समर्थन देते हुए 10 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की है। इससे पहले हाल ही में वीवो ने देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए 2 करोड़ रुपये के दान की घोषणा की थी।

वीवोकेयर्स पहल के हिस्से के रूप में वीवो ने कोविड की इस विनाशकारी दूसरी लहर के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए कई पहल की हैं। कंपनी कोविड राहत उपायों का समर्थन करने के लिए विभिन्न सरकारी अस्पतालों में वितरित किए जाने वाले 6 करोड़ रुपये के ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर्स दान करेगी।

वीवो इंडिया में ब्रांड रणनीति मामलों के निदेशक निपुण मारिया ने कहा कि हम मानवता के इतिहास में सबसे खराब संकटों में से एक का सामना कर रहे हैं, और हम सभी के लिए इन अभूतपूर्व समय में एक दूसरे का समर्थन करना महत्वपूर्ण है। वीवो अपने लोगों के लिए प्रतिबद्ध है और ये पहल समुदायों को हमारे समर्थन को बढ़ाने के लिए सिर्फ एक छोटा कदम है।

इससे पहले भी वीवो इंडिया ने देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए 2 करोड़ रुपये के दान की घोषणा की थी और तब निपुण मारिया ने कहा था कि हम सभी एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं और हमें कोविड को हराने के लिए एक इकाई के रूप में लड़ना चाहिए। वीवो इस परीक्षा की घड़ी में समुदायों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कंपनी ने गुरुग्राम में कोविड से लड़ रहे रोगियों और उनके परिवारों के घर पर 1,00,000 मुफ्त पके भोजन के पैकेट वितरित करने के लिए इस्कॉन के साथ साझेदारी भी की है।

इसके अलावा, विश्व के सबसे बड़े मिड-डे मील कार्यक्रम प्रदाता, अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ मिलकर वीवो दिल्ली के एक सरकारी स्कूल के सभी 500 से अधिक छात्रों के लिए छह महीने के लिए हैप्पीनेस किट प्रदान करने में भी सहयोग करेगी।

छह महीने लंबी हैप्पीनेस परियोजना में खाद्य पदार्थों के माध्यम से पोषण, पुस्तकों और स्टेशनरी के माध्यम से शिक्षा और दैनिक आवश्यक वस्तुओं के माध्यम से स्वच्छता का समर्थन करेगी। इसने कार्डियो वेंटिलेटर मशीनों से लैस दो एम्बुलेंस दान करने का भी वादा किया है।

वीवो ने इससे पहले 2020 में महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियों को 9 लाख मास्क, 15,000 पीपीई सूट और 50,000 लीटर सैनिटाइजर दान के तौर पर दिया था।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleभूमिगत रेल पुल ढहने से Mexico City में 23 लोगों की मौत
Next articlePrabhas की फिल्म सलार में श्रुति हासन के बाद हुई इस हसीना की एंट्री
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here