तमिल फिल्मों के दिग्गज कॉमेडियन Vivek का निधन

0

तमिल फिल्मों के दिग्गज कॉमेडियन और पद्मश्री पुरस्कार प्राप्तकर्ता विवेक का यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया है। वह 59 साल के थे। 16 अप्रैल को हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें एसआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल की ओर से कहा गया, विवेक को गंभीर हाल में एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ईसीएमओ) सपोर्ट पर रखा गया था। उन्हें शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे अचेत अवस्था में अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में लाया गया था। यहां विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा उन्हें होश में लाए जाने का प्रयास किया गया और इसके बाद उन्हें एंजियोप्लास्टी व एंजियोग्राम की प्रक्रिया में से भी होकर गुजरना पड़ा।

चिकित्सकों के मुताबिक, विवेक ने अपने परिवार से सीने में दर्द होने की बात कही थी।

उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के लेफ्टिनेंट तमिलिसाई साउंडराजन ने कहा कि विवेक ने अपने हास्य संवादों के माध्यम से समाज में अच्छे संदेशों का प्रसार किया है और इसी के चलते उन्हें चिन्ना कलाईवन्नारा या लिटिल कलाईवन्नारा (तमिल फिल्मों के दिवंगत कॉमेडियन एनएस कृष्णन को दी गई उपाधि कलाईवन्नारा की तर्ज पर) की उपाधि से सम्मानित किया गया था। वह एक पर्यावरणविद थे, जिन्होंने लाखों की संख्या में पौधारोपण किया है।

न्यूज स़ोत आईएएनएस

SHARE
Previous articlePSAJK ने अभिभावकों से शुल्क का भुगतान करने की अपील की
Next articleChaitra navratri 2021 day 5: नवरात्रि का पांचवा दिन स्कंदमाता को है समर्पित, आज इन मंत्रों से करें देवी मां की स्तुति
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here