अक्टूबर में होगी UPSC (प्रीलिम्स) की परीक्षा

0

कोरोना की मार की वजह से सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2021 गुरुवार को स्थगित कर दी गई है। अब ये परीक्षा फिर से चार महीने बाद अक्टूबर में होगी। सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी, जो पहले 27 जून को आयोजित होने वाली थी।

संघ लोक सेवा आयोग ने मौजूदा कोरोनोवायरस की दूसरी लहर के भयावय प्रकोप के कारण परीक्षा को स्थगित कर दिया है। कोरोना की दूसरी लहर में अब तक 2,37,03,665 लोग संक्रमित हुए हैं, जिनमें 37,10,525 सक्रिय मामले और 2,58,317 मौतें शामिल हैं।

यूपीएससी ने गुरुवार को यह घोषणा तब की जब भारत ने 3,62,727 नए कोविड मामलों और 4,120 मृत्यु की सूचना दी। सिविल सेवा परीक्षाओं के शीर्ष निकाय ने पिछले साल भी कोविड के संकट के कारण परीक्षाओं को स्थगित और पुनर्निर्धारित किया था।

–आईएएनएस

SHARE
Previous articleनासिक:मिडस ने अम्बड़ एस्टेट में आउटलेट्स का आवंटन शुरू किया
Next articleकोरोना के कारण भारतीय smartphone market में 1.2 करोड़ यूनिट की गिरावट का अनुमान
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here