उम्मीद है एथलीटों को जल्द ही कोरोना टीका लगाया जाएगा :D.O.S.B.

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जर्मन ओलंपिक खेल परिसंघ (डीओएसबी) को उम्मीद है कि उसके शीर्ष एथलीट, जिन्होंने इस साल के टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है, को जल्द ही कोरोना टीका लगाया जाएगा। डीओएसबी के अध्यक्ष अल्फोंस होर्मन ने रविवार को कहा, वर्ष की दूसरी तिमाही की शुरूआत के साथ, समय आ गया है जब हम उम्मीद करते हैं, शीर्ष एथलीट, जिन्होंने इस साल के टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है, को जल्द ही कोरोना टीका लगाया जाएगा।

वर्तमान में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले एथलीटों की संख्या 245 है और ओलंपिक के करीब आने तक यह संख्या 400 तक पहुंच जाएगी।

टोक्यो ओलंपिक 23 जुलाई और पैरालिम्पिक्स 24 अगस्त से शुरू होने वाले हैं। इनका आयोजन बीते साल होना था लेकिन कोरोना महामारी के कारण इन्हें एक साल के लिए टाल दिया गया था।

न्यूज स़ोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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