Skoda ने लॉन्च की चौथी पीढ़ी की ऑक्टेविया, कीमत 25.99 लाख रुपये

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ऑटो निर्माता स्कोडा ऑटो इंडिया ने 25.99 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत पर नई ऑक्टेविया लॉन्च किया। कंपनी के मुताबिक, चौथी पीढ़ी की ऑक्टेविया में ‘शिफ्ट बाय वायर’ तकनीक और इलेक्ट्रिक पार्किं ग ब्रेक की सुविधा है।

टबोर्चाज्र्ड 2.0 टीएसआई पेट्रोल इंजन 190 पीएस (140के डब्ल्यू) की शक्ति और 320एनएम का पीक टॉर्क आउटपुट देता है, जबकि इसके अलावा यह 15.81 के की ईंधन दक्षता के आंकड़े प्रदान करता है।

स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड निदेशक जैक हॉलिस ने कहा, जब इसे बीस साल पहले पेश किया गया था, तो ऑक्टेविया ने एक्सक्यूटिव सेडान सेगमेंट की गतिशीलता को बदल दिया था। अब हमने डिजाइन, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, प्रदर्शनऔर आराम की अपनी विशेषताओं को बरकरार रखते हुए, ऑल-न्यू ऑक्टेविया एक सम्मोहक संयोजन के साथ पेश किया है जो भारतीय बाजार में स्कोडा ऑटो की सफलता को जारी रखेगा।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

 

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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