रंगासामी पुडुचेरी Cabinet को अंतिम रूप देने से पहले आध्यात्मिक सलाह लेंगे

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ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के अध्यक्ष और तीसरी बार केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बनने जा रहे एन. रंगासामी शपथ ग्रहण से पहले तमिलनाडु के सलेम में अपने आध्यात्मिक गुरु, अप्पा पथियाम स्वामीगल की समाधि पर जाकर उनका आशीर्वाद लेंगे। रंगासामी राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रहे हैं। वह पहले भी बतौर मुख्यमंत्री अपने आध्यात्मिक गुरु की समाधि पर चुपचाप बैठकर ध्यान लगाते रहे हैं और गुरु से प्राप्त अंतज्र्ञान के अनुसार कार्य करते रहे हैं। रंगासामी इस बार भी गुरु की सलाह लेकर उसका पालन करेंगे।

चुनाव में जीत मिलने के बाद वह सलेम के गोरमीमेडु स्थित अपने गुरु के मंदिर में गए थे। उन्होंने स्वयं प्रसाद बनाया और मंदिर में पूजा की। यह मंदिर रंगासामी ने ही बनवाया था।

एआईएनआरसी के नेता और पूर्व मंत्री पी. राजावेलू जो पहले कैबिनेट में रह चुके हैं, उन्होंने आईएएनएस से कहा, “एनआर अप्पा पैथियाम स्वामीगल से प्रार्थना करने के बाद ही अपने जीवन के सभी महत्वपूर्ण फैसले लेते हैं और उन्हें वहां से जो अंतज्र्ञान प्राप्त होता है, उसी के अनुसार कार्य करते हैं।”

कैबिनेट के गठन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और एनआर एक अनुभवी राजनेता और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। वही अच्छी तरह जानते हैं कि अपनी टीम में किन लोगों को लेना चाहते हैं। हम तो यही चाहते हैं कि बहुत अच्छी टीम हो, जो पुडुचेरी के लोगों के विकास के लिए काम करे।”

भाजपा, जो नई सरकार में कनिष्ठ साझीदार है, अपने नेता नमस्सिवायम को उपमुख्यमंत्री पद दिलाने के लिए जोर आजमा रही है। वह नारायणसामी सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री थे। भाजपा कैबिनेट के आकार को 6 से बढ़ाकर 7 करवाने की भी कोशिश कर रही है और सरकार के शपथ ग्रहण के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय से कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी। भाजपा मंत्रिमंडल में बराबर की हिस्सेदारी चाहती है।

–आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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