रौशनी में रहने रही हैं Priyanka Chopra

0

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने शुक्रवार की सुबह अपने प्रशंसकों के साथ एक ग्लैमरस तस्वीर पोस्ट की। फोटो में प्रियंका ग्लैमरस लग रही हैं, उसके बाल खुले हैं। वह एक टॉप के साथ नेक्लेस पहनी हुई हैं। उन्होंने फोटो के साथ लिखा कि वह सभी के लिए आभारी हैं जो उनकी जिंदगी में है।

तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, लाइट में जी रही हूं।

प्रियंका 74 वें ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म्स और टेलीविजन आर्ट्स (बाफ्टा) पुरस्कारों में प्रेजेंटर थीं। प्रियंका चोपड़ा बतौर प्रेजेंटर अपने पति निक जोनस के साथ पहुंची थीं। ऐसे में उनका लुक देखने लायक था। प्रियंका चोपड़ा ने इस सेरेमनी के लिए दो आउटफिट्स पहने हुए थे।

अभिनेत्री अभी सिटाडेल की शूटिंग कर रही हैं। इस सीरीज में रिचर्ड मैडेन सह-कलाकार होंगे।

न्यूज स्त्रोत ​आइएएनएस

SHARE
Previous articleIRDA ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस पर ठोंका 25 लाख का जुर्माना
Next articleUP में कोरोना से हालात खराब, अपर मुख्य सचिव सूचना सहगल, राणा डीएम अभिषेक प्रकाश भी संक्रमित
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here