PM Modi और भूटान के प्रधानमंत्री ने कोविड पर चर्चा की

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके भूटानी समकक्ष लोटे त्सरिंग ने मंगलवार को दोनों देशों पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव और वायरस की हालिया लहर के खिलाफ उनके प्रयासों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने टेलीफोन पर बातचीत की और वायरस से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

भूटान के प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी की वर्तमान लहर से लड़ने में भारत और भारतवासियों के साथ एकजुटता दिखाई। हाल के दिनों में भारत कोरोनावायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है और अब तक देश में 2,29,92,517 लोग संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 2,49,992 तक पहुंच चुकी है। फिलहाल भारत में 37,15,221 सक्रिय मामले हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान सरकार और भूटानवासियों को उनकी सद्भावनाओं और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने भूटान नरेश के नेतृत्व में महामारी के खिलाफ जंग में भूटान की भूमिका की सराहना की और महामारी के खिलाफ किए जाने वाले प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।

दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त कि मौजूदा संकट से भारत और भूटान के बीच विशेष मैत्री को और बढ़ावा दिया जा सकता है। दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध आपसी समझ, आपसी सम्मान, साझा सांस्कृतिक विरासत और लोगों के बीच सौहार्द पर आधारित हैं।

–आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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