पाकिस्तान 90 दिन में फांसी दे सकता है जाधव को, “मेरी ऐक्टिविटी एंटीनेशनल थी”

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jadhav

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तानी जेल में बंद अपने भारतीय अधिकारी कुलभूषण जाधव की रिहाई के लिए सख्त रूख अख्तियार किया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को 90 दिन में फांसी दे सकता है। पाकिस्तान ने इससे पूर्व एक वीडियो भी जारी किया था जिसमें 105 कट दिखाई दे रहे थे। विदेश मंत्रालय ने पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर यह कड़ा संदेश दिया कि पाकिस्तान के पास ऐसा कोई प्रमाण नहीं जिससे कुलभुषण को फांसी दी जाए। अगर पाकिस्तान ने फांसी जैसी नापाक हरकत की तो भारत इसे एक हत्या की तरह देखेगा।

बताया जा रहा है कि जो वीडियो पाकिस्तान ने दिखाया था वह वीडियो प्रोफेशनल इंटोरोगेशन जैसा नहीं दिखाई देता है। देखा गया है कि इसे अलग अलग एंगल से कैमरे और लाइटिंग अरेंजमेंट कर प्लानिगं के जरिए शूट किया गया है। इस वीडियो को देखने से ऐसा लगता है कि यह किसी इंटरव्यू का वीडियो हैं। इस वीडियों को देख कर ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद पाकिस्तान ने इसे किसी जर्नलिस्ट और कैमरामैन ने आईएसआई के साथ मिलकर उनके सेफ हाउस में शूट किया है।

इस वीडियो में जाधव द्वारा कहा गया है कि मेरी एक्टिविटी एंटी नेशनल थी। तथा जाधव ने बताया कि मुझे ईरान बॉर्डर से पाकिस्तान की तरफ से पकडा गया है। इस वीडियो के 43वें सेकंड में जाधव ने पहली बार भारत का नाम लिया तथा इस वीडियो के 67वें सेकंड में ऐसा लगा कि वे किसी टेलीप्रॉम्पटर से कबूलनामा पढकर बोल रहे हैं। तथा इस वीडियो के 2 मिनट 34वें सेकंड में बलूचिस्तान का नाम लिया गया। इस वीडियो में उनको दो अलग अलग एंगल से शूट किया गया है जो कि इस वीडियो की लाइटिंग अरेंजमेंट को देखने से ऐसा लगता है। आगे 3 मिनट 53वें सेकंड के बाद पांच कट में जाधव ने 3 मार्च 2016 को अपनी गिरफतारी के बारे में बताया। तथा इसके साथ यह भी कहा कि लिप मूवमेंट के मुताबिक ऑडियो ओवरलैप किया गया है।

बताया गया है कि भारतीय अफसरों ने पाकिस्तान से 12 महिनों में करीब 13 बार गुजारिश कि मगर इन गुजारिशों के बावजूद भी उन्हे कुलभूषण जाधव से नहीं मिलने दिया।

कमर आगा ने एक अखबार को बताया कि कुलभूषण को हो सकता है ड्रग्स देकर कुछ भी कहलवाया गया हो और जिसका वीडियो बना लिया गया हो तथा क्या कारण है कि पाकिस्तान ने इंडियन एम्बेसी के अफसरों को कुलभूषण जाधव से मिलने नहीं दिया गया।

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तथा आगे कमर आगा ने कहा कि अब हमारी सरकार को चाहिए कि वे पाकिस्तान पर दबाव बनाए कि पाकिस्तानी सरकार कुलभूषण जाधव को फांसी नहीं दें। तथा इंटनेशनल डिप्लोमैसी के जरिए इसे रूकवाएं। तथा आगे उन्होंने कहा कि हम शार्क के माध्यम से इस पर दबाव बना सकते हैं। आगे उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास कुलभूषण के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। यदि उसके पास कोई सबूत होते तो वह भारत के सामने उन सबूतों को अब तक रख चुका होता। तथा मैं यह चाहता हूं कि संसद में यह मुद्दा उठे और इसका विरोध किया जाए।

ऐसा लगता है कि पाकिस्तान अपनी आवाम को दिखाना चाहता है कि उनकी पूरी परेशानियों की असल वजह भारत है। और लोगों को सरकार की ताकत दिखाने के लिए फांसी देना चाहता हैं।

इसके बाद रिटायर्ड कर्नल यूएस राठौर ने कहा कि जाधव का ट्रायल मिलिटी कोर्ट में हुआ है जो वहां पर बहुत बदनाम है। पिछले कुछ दिनों पहले एक पाक मिलिटी कोर्ट का डेटा आया था जिसमें बताया गया था कि 90 फिसदी लोग वहां पर अपने गुनाह कबूल कर लेते है।

तथा साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि मिलिट्री कोर्ट के 274 केसों में से 161 केसों को फांसी की सजा दी गई है।

जाधव के अनुसार वे दिसंबर 2001 तक इंडियन नेवी में रहे। तथा 2003 में उन्होंने इंडियन इंटेलिजेंस सर्विस ज्वाइन की। तथा वह 2013 में रॉ में गए। तथा ईरान के चाबहार इलाके में 10 साल पहले रॉ का बेस बनाया। तथा उन्होंने कराची और बलूचिस्तान का दौरा भी किया। एक नेवी के अफसर ने बताया कि उन्हें नेवी से 2022 में रिटायर होना था।

पाकिस्तान ने जाधव पर आरोप लगाया था कि जाधव इंडियन नेवी का सर्विंग अफसर है। तथा पाकिस्तान ने वह कोड भी बताया जिससे जाधव रॉ से कॉन्टैक्ट करता था। आगे पाकिस्तान ने यह भी कहा कि जाधव के पास एल9630722 नंबर का पासपोर्ट मिला है। जिसके बारे में पाकिस्तान ने कहा कि यह बलूचिस्तान में गिरफतार एक भारतीय शख्स का ही है। उस पासपोर्ट में उसका नाम हुसैन मुबारक बताया गया है। तथा जन्म स्थान महाराष्ट का सांगली नामक स्थान बताया गया है। तथा पाकिस्तान यह भी दावा करता है कि उसके पास ईरान का वैध वीजा भी है।

खबरों के अनुसार पाकिस्तानी आर्मी एक्ट के तहत जाधव के इस फैसले पर 90 दिनों में अमल होना तय है। तथा पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा इसे मंजूरी दे चुके हैं। जिसके बाद इसके खिलाफ अपील करने की कोई गुजांइश ही नहीं रहती है। तथा अब जाधव को फांसी की सजा से बचाना नामुमकिन है।

जाधव के कबूलनामें वाले वीडियो के बारे में भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि वीडियो में यह व्यक्ति जाधव जो बातें कर रहा है उनमें किसी प्रकार की कोई भी सच्चाई नहीं है। तथा जाधव ने जो कुछ भी कहा है वह दबाव में आकर कहा है। तथा इसके अलावा भारतीय सरकार यह मान चुकी हैं कि जाधव भारतीय नागरिक और नेवी के अफसर रह चुके हैं।

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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