Goa में एनएसयूआई ने की 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं टालने की मांग, 40 हिरासत में

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भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के 40 कार्यकर्ताओं को गोवा पुलिस ने सोमवार को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के सरकारी आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के बीच हिरासत में लिया। वे तटीय राज्य में कोविड-19 के मामलों में उछाल के कारण 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं स्थगित करने की मांग कर रहे थे। हिरासत में लिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष दिगंबर कामत ने कहा कि छात्रों ने जब महामारी पर चिंता व्यक्त की तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया, यह अनुचित है।

उन्होंने कहा, “छात्रों की जान जोखिम में डाले जाने पर चिंता व्यक्त करने वाले छात्र अपराध नहीं हैं। मैं छात्रों को गिरफ्तार करने के भाजपा सरकार के कृत्य की निंदा करता हूं। ये छात्र एसएससी और एचएसएससी परीक्षाओं को भी स्थगित करने की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। उन सभी को तुरंत बिना शर्त रिहा किया जाना चाहिए।”

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडाणकर ने भी कहा, “कोविड के बढ़ते मामलों के कारण परीक्षा स्थगित करने की मांग के साथ शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते एनएसयूआई नेताओं के साथ एसएससी/एचएसएससी के छात्रों को गिरफ्तार किए जाने के कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं।”

उन्होंने कहा, आईएनसी गोवा गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को परनेम पीएस से तत्काल और बिना शर्त रिहा करने की मांग करती है।

मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान 40 छात्रों को हिरासत में लिया गया और बाद में परनेम पुलिस स्टेशन में नजरबंद कर दिया गया।

गोवा में 43,547 छात्र कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में बैठने वाले हैं जो क्रमश: 13 मई और 25 अप्रैल से शुरू होगी।

रविवार को गोवा में 951 लोग कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए थे, जो अब तक की उच्चतम संख्या है। प्रदेश में इस समय कॉविड-19 के 7,052 सक्रिय मरीज हैं।

–आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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