नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की स्तुति, कोरोना महामारी से नहीं लगेगा भय

0

आज नवरात्रि का ​सातवां दिन हैं आज के दिन मां दुर्गा की सातवीं शक्ति देवी मां कालरात्रि की पूजा की जाती हैं कोरोना महामारी के बीच देवी मां कालरात्रि की पूजा करने से जातक में उत्पन्न भय दूर हो जाता है और जीवन में सुख शांति का वास होता हैं ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक देवी कालरात्रि शनि ग्रह को नियंत्रित करती हैं यानी इनकी पूजा से शनि के दुष्प्रभाव दूर होते हैं मां कालरात्रि को यंत्र, मंत्र और तंत्र की देवी कहा जाता हैं इनकी उपासना से बड़े से बड़ा रोग, दोष और भय दूर हो जाता हैं। कोरोना काल में अगर आप भी है भय से ग्रसित करें आज के दिन जरूर करें मां की उपासना।

दुर्गा पूजा के दिन साधक का मन सहस्त्रार चक्र में स्थित रहता हैं उसके लिए ब्रह्माण्ड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता हैं इस चक्र में स्थित साधक का मन पूरी तरह से देवी मां कालरात्रि के स्वरूप में स्थि​त रहता हैं उनके साक्षात्कार से मिलने वाले पुण्य का वह भागी हो जाता हैं। उसके समस्त पापों विघ्नों का नाश होता हैं देवी मां कालरात्रि के स्वरुप विग्रह को अपने ह्रदय में स्थित करके जातक को एकनिष्ठ भाव से उनकी उपासना करनी चाहिए और मन, वचन, काया की पवित्रता रखनी चाहिए यह शुभंकरी देवी हैं इनकी उपासना से होने वाले शुभों की गणना नहीं की जा सकती हैं।

माता कालरात्रि अपने उपासकों को काल से भी बचाती हैं अर्थात उनकी अकाल मृत्यु नहीं होती हैं इनके नाम के उच्चारा मात्र से ही भूत, प्रेत, राक्षस और सभी नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली हैं और ये ग्रह बाधाओं को भी दूर करने वाली देवी हैं। इनके उपासक को ​अग्रि भय, जल भय, जंतु भय, शत्रु भय, रात्रि भय आदि कभी नहीं होते हैं जाक को निरंत इनका स्मरण, ध्यान और पूजन करना चाहिए।

मां कालरात्रि का ध्यान मंत्र—
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा।
वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here