मप्र ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होगा : Dharmendra Pradhan

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मध्यप्रदेश के सागर जिले के बीना में भारत-ओमान रिफाइनरी लिमिटेड (बीओआरएल) के नजदीक कोरोना मरीजों के लिए बनाए जा रहे एक हजार बिस्तर के अस्थायी अस्पताल का केंद्रीय पेटोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को निरीक्षण किया। प्रधान ने कहा कि मध्यप्रदेश जल्द ही ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होगा। बीओआरएल में बन रहे अस्पताल के निर्माण को लेकर हुई समीक्षा बैठक में प्रधान ने कहा कि यहां अस्पताल का बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। बीना रिफाइनरी की इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में कन्वर्ट कर मरीजों के लिए उपयोग में लिया जाएगा। यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है जो सागर, विदिशा, अशोकनगर और गुना सहित आसपास के जिलों के कोविड मरीजों के लिए बड़ी सौगात साबित होगा।

केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि ऑक्सीजन की उपलब्धता के मामले में केंद्र और मध्यप्रदेश शासन लगातार मिलकर कार्य कर रहे हैं। जल्द ही मध्यप्रदेश ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होगा।

चौहान और प्रधान ने अस्थायी अस्पताल स्थल का निरीक्षण किया तथा मौके पर ही संपूर्ण रोडमेप की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने अस्पताल से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए नियुक्त एजेंसी और कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने यहां ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन टेस्टिंग, कंप्रेशर कक्ष के निर्माण, ऑक्सीजन सप्लाई की 800 मीटर लंबी पाइपलाइन, दुगार्पुर से कंप्रेसर की शिफ्टिंग, अतिरिक्त स्टैंडबाय कंप्रेशर का क्रय, बॉटलिंग प्लांट संबंधित कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यहां बॉटलिंग प्लांट स्थापित कर अन्य जिलों की ऑक्सीजन की आवश्यकता को भी पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि अस्पताल से संबंधित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, मेडिकल वेस्ट, लिक्विड वेस्ट आदि का वैज्ञानिक निपटारा और प्रबंधन किया जाए।

उल्लेखनीय है कि बीना रिफाइनरी द्वारा दो बार (बीएआर) प्रेशर पर सप्लाई शुरू की जाएगी, जिससे साधारण ऑक्सीजन अस्थायी अस्पताल के बिस्तरों के लिए पर्याप्त होगी। दुगार्पुर से लाए जा रहे कंप्रेशर को स्टैंडबाय प्रेशर के रूप में रखा जाएगा। साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर का इमरजेंसी बैकअप भी रखा जाएगा।

जिलाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि डोम स्ट्रक्च र व विद्युतीकरण का कार्य 25 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। इसी तरह जल प्रदाय, सड़क एवं कांक्रीट फ्लोरिंग का कार्य 15 मई तक तथा 200 पॉइंट्स पर ऑक्सीजन पाइप लाइन का निर्माण समय-सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फर्नीचर तथा अन्य उपकरणों से संबंधित समस्त खरीदी आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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