IRDAI ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस पर 30 लाख का जुर्माना लगाया

0

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर बार बार बीमा अधिनियम और नियमों का उल्लंघन करने पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पहले ये जुर्माना 70 लाख रूपये का था जिसे घटाकर 30 लाख कर दिया गया है। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ आरोप यह था कि वह बार बार बीमा अधिनियम और आईआरडीएआई (मोटर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस बिजनेस के संबंध में बीमा कंपनी की बाध्यता) 2015 की धारा 32 डी का पालन करने में विफल रही है, जिसमें न्यूनतम तृतीय पक्ष बीमा व्यापार की अनिवार्यता को रेखांकित किया गया था ।

एसबीआई जनरल इंश्योरेंस ने 2018 से 19, 2016 से 17 और 2017 से 18 के दौरान धारा 32 डी का उल्लंघन किया।

आईआरडीएआई के अध्यक्ष सुभाष सी खूंटिया ने अपने आदेश में 70 लाख रुपये के जुमार्ने में कटौती करने का फैसला करते हुए कहा कि पुनरावृत्ति की प्रकृति के उल्लंघन और बीमाकर्ता के सबमिशन को ध्यान में रखते हुए, वित्तीय वर्ष 2019 20 और 2020 21 में एसबीआई जनरल इंश्योरेंस पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleVaccination Maharashtra:18 से अधिक उम्र के लोगो के लिए खरीदी गयी वैक्सीन अब 45 से अधिक के लोगो को दी जाएगी
Next articleक्या आप भी है रोज रोज के गृहक्लेश से परेशान, तो तुरंत करें ये उपाय
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here