Higher education : 3.85 करोड़ छात्रों का नामांकन, कॉलेजों की संख्या बढ़कर 42,343 हुई

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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन रिपोर्ट (एआईएसएचई) 2019-20 जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन 3.85 करोड़ दर्ज किए गए जो वर्ष 2018-19 में सिर्फ 3.74 करोड़ थे। कुल नामांकन में 3.04 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं 2014-15 में कुल नामांकन केवल 3.42 करोड़ था।

शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की मंजूरी के बाद यह रिपोर्ट जारी की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) भी 2019-20 में 27.1 प्रतिशत दर्ज किया जो कि 2018-19 में 26.3 प्रतिशत और 2014-15 में 24.3 प्रतिशत था।

शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के मुताबिक लैंगिक समानता सूचकांक में भी सुधार देखने को मिला है। लड़कों की तुलना में लड़कियों तक उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ी है । छात्र-शिक्षक अनुपात भी साल 2019-20 में 26 दर्ज किया गया है।

साल 2018-19 की तुलना में साल 2019-20 में विश्वविद्यालयों की संख्या 993 से बढ़कर 1043 वहीं कॉलेजों की संख्या 39,931 से बढ़कर 42,343 हो गई। स्टैंड-अलोन संस्थानों की संख्या 10725 से बढ़कर 11779 हो गई है।

इस दौरान अंडरग्रेजुएट एवं पोस्टग्रेजुएट प्रोग्रामों में 3.38 करोड़ छात्रों ने दाखिला लिया। इसमें से 85 प्रतिशत (2.85 करोड़) ने हयूमैनिटिज, विज्ञान, कॉमर्स, इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी, मेडिकल साइंस और आईटी एवं कंप्यूटर में अपना एनरोलमेंट करवाया।

रिपोर्ट के मुताबिक पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई। साल 2014-15 में 1.17 लाख छात्रों के मुकाबले 2019-20 में 2.03 छात्रों ने पीएचडी की। शिक्षकों की संख्या भी 2019-20 में 15,03,156 दर्ज की गई जिसमें से 57.5 प्रतिशत पुरुष थे और 42.5 प्रतिशत महिलाएं।

इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने कहा, यह रिपोर्ट दर्शाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा की बेहतरी के लिए अपने गई नीतियों की वजह से उच्च शिक्षा में सुधार देखने को मिला है।

उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने कहा, लगातार बढ़ते एनरोलमेंट, संस्थानों की संख्या, कम होती लैंगिक असामनता हमारी नई शिक्षा नीति 2020 के एक्सेस, समानता एवं गुणवत्ता के प्रावधानों के अनुरूप हैं। हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के कुशल मार्गदर्शन में हम बहुत जल्द विश्वगुरु बनने के लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।

–आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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