Corona संकट के बीच भारत में फील्ड अस्पताल स्थापित करना चाह रहा बोइंग (एक्सक्लूसिव)

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एयरोस्पेस प्रमुख बोइंग ने भारत में कोविड मरीजों के इलाज के लिए फील्ड अस्पताल स्थापित करने के उद्देश्य से गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) और राज्य सरकारों के साथ करार किया है।

तदनुसार, एयरोस्पेस प्रमुख अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए पांच राज्य सरकारों के साथ बातचीत कर रहा है।

पिछले कुछ दिनों के दौरान बोइंग इंडिया ने उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्य सरकारों से संपर्क किया है।

बोइंग की भारत कोविड राहत प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में पहल में पांच राज्यों में से प्रत्येक में ऐसी सुविधाओं की स्थापना की परिकल्पना की गई है, जो महामारी के पुनरुत्थान का सामना कर रहे हैं।

कार्यक्रम के हिस्से के रूप में बोइंग संबंधित राज्य सरकार और एनजीओ भागीदारों, डॉक्टर्स फॉर यू और केयर यूएसए के संयुक्त प्रयास द्वारा एक साझेदारी मॉडल के माध्यम से धन, भूमि और उपयोगिताओं, सुविधा, उपकरण, डॉक्टरों के साथ-साथ दवाएं प्रदान की जाएंगी।

राज्य सरकारें बुनियादी ढांचा और सुविधाएं मुहैया कराएंगी, जबकि डॉक्टर्स फॉर यू मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्च र और स्टाफ मुहैया कराएगी।

इस तरह की पहली सुविधा जल्द से जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

बोइंग इंडिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा, हम भारत के कोविड-19 प्रतिक्रिया का समर्थन करने के लिए बोइंग के एक करोड़ डॉलर के आपातकालीन सहायता पैकेज को तैनात करने के लिए स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय राहत संगठनों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, उस प्रयास के हिस्से के रूप में, हम सबसे अधिक प्रभावित समुदायों को चिकित्सा आपूर्ति और आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल सहित राहत प्रदान करने के लिए भारत भर में चिकित्सा, सरकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ काम कर रहे हैं।

पिछले महीने, बोइंग ने भारत की कोविड -19 प्रतिक्रिया का समर्थन करने के लिए एक करोड़ डॉलर के आपातकालीन सहायता पैकेज की घोषणा की थी।

फिलहाल भारत में बोइंग के 3,000 कर्मचारी हैं।

कंपनी घरेलू नागरिक और सैन्य क्षेत्रों में ग्राहकों के लिए वाणिज्यिक हवाई जहाज, रक्षा उत्पादों का विकास, निर्माण और सेवा में कार्य में लगी है।

हाल ही में भारत को कोरोनावायरस संक्रमण में रिकॉर्ड वृद्धि और इसे नियंत्रित करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन और विभिन्न प्रतिबंध उपायों से भारी नुकसान हुआ है।

भारत में नए कोरोनावायरस मामलों में तेजी से वृद्धि को मानवीय संकट कहा गया है, जिससे निपटने के लिए सरकार के साथ ही विभिन्न क्षेत्र प्रयासरत हैं।

–आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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