Bihar : जविपा प्रमुख अनिल कुमार ने 120 बेड वाले होटल को सरकार को देने की घोषणा की

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जनतांत्रिक विकास पार्टी (जविपा) के अध्यक्ष अनिल कुमार ने अपने 120 बेड वाले होटल पाटलिपुत्रा निर्वाणा को सरकार को देने की घोषणा की है। इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि आज बिहार के बड़े-बड़े अस्पतालों में भी 200 बेड नही हैं। उन्होंने कहा कि पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 105 बेड, एम्स में 190 बेड, नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 160 के जगह पर 176 बेड लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि एक साल हो गया, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था में कोई सुधार नहीं है। इस वजह से आज हालात बिगड़े हैं, इसलिए हम अपने 120 बेड वाले होटल पाटलिपुत्रा निर्वाणा को सरकार को दे रहे हैं।

जविपा नेता अनिल कुमान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए सवालिया लहजे में कहा कि बिहार में कब ऑक्सीजन व दवा की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि आपकी डबल इंजन वाली सरकार कहां है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में भी लॉकडाउन लगने के बाद वहां से सारे प्रवासी मजदूर फिर से वापस आने लगे हैं। आखिर अब कब तैयारी होगी।

उन्होंने कहा कि पिछले साल कोरोना काल में क्वारंटीन सेंटर के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ। उन्होंने कहा कि उस वक्त जितने भी क्वारंटीन सेंटर बने थे, इस दूसरी लहर में कहां गायब हो गए।

उन्होंने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि कोविड कंट्रोल रूम बनाया जाय, और लोग सीधे सहायता ले सकें। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी निजी अस्पतालों की सूची जारी की जाए, जिसमें कोविड का इलाज हो सकता है।

–आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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