Punjab:चुनाव से पूर्व,पंजाब कांग्रेस में नहीं थम रही तकरार

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पंजाब कांग्रेस में बढ़ते कलह के बीच, नवजोत सिद्धू और अन्य ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर अकाली दल के परिवार को बचाने का आरोप लगाया, राज्य इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने हाईकमान से हस्तक्षेप करने और राज्य में चुनावों की समस्याओं को हल करने का आग्रह किया है। जी अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित है।Congress leader Navjot Sidhu asks Muslims in Bihar's Katihar to vote ...

जाखड़ ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पंजाब कांग्रेस की राजनीति में वापसी के लिए अहम होगा, लेकिन “पार्टी नेतृत्व को राज्य में होने वाली घटनाओं पर ध्यान देना होगा और इसे इसको लेकर कार्यभार संभालना चाहिए”। उन्होंने नवज्योत सिद्धू और अन्य द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में हल करने पर जोर दिया और कहा की अकालियों पर प्रशासन नरम हो रहा है। नेतृत्व के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।Navjot Singh Sidhu Politician New Images And Photos - IndiaWords.com

“हमें इतिहास से सीखना चाहिए लेकिन हमें भविष्य और नई शुरुआत को भी देखना होगा। हार के कारणों के अलावा, अब समय आ गया है कि पार्टी वापसी के रास्ते तलाशे। (अशोक चव्हाण) समिति को यह देखना चाहिए कि कांग्रेस भविष्य के चुनावों में कैसे जीत सकती है, ”उन्होंने पैनल के लिए नए एजेंडे का सुझाव देते हुए ये कहा।The other side of Navjot Singh Sidhu: Reading, pets and shopping are ...

पंजाब कांग्रेस सिद्धू और अन्य द्वारा लगाए गए आरोपों से आहत है कि प्रशासन अकाली दल के प्रमुख बादल परिवार की रक्षा कर रहा है। दरअसल सारा मामला पवित्र ग्रंथ की बेअदबी से संबंधित है जिसमें पिछली अकाली सरकार को हाल ही में क्लीन चिट मिली थी। .Punjab Congress MLA Navjot Singh Sidhu launches YouTube channel- The ...

इसके अलावा, जाखड़ ने कहा कि सिद्धू, जो सीएम के खिलाफ लगे इन आरोप का नेतृत्व कर रहे हैं, को एआईसीसी आला से निपटना होगा। उन्होंने कहा, ‘सिद्धू पार्टी में शामिल होने के साथ ही आलाकमान के प्रिय हैं। इसलिए अब समय आ गया है कि आलाकमान का ध्यान इस मुश्किल स्थिति पर हो… कुछ भी अपूरणीय नहीं है और सभी मुद्दों से निपटा जा सकता है, लेकिन इसके लिए आलाकमान के हस्तक्षेप की आवश्यकता है। “Navjot Sidhu suggests match between IPL & PSL champions to promote ...

बता दे की पंजाब में फरवरी 2022 में यूपी, गोवा और उत्तराखंड के साथ चुनाव होने हैं। अकाली दल जहां बुरी तरह हाशिए पर है, वहीं आप खुद को पुनर्जीवित करना चाह रही है। कांग्रेस में यह चिंता है कि बादल परिवार के प्रति असहयोग और बेअदबी और अमरिंदर प्रशासन की नरमी जैसे संवेदनशील मुद्दे आप की लामबंदी में मदद कर सकते हैं।

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