Apollo Hospital की संयुक्त एमडी ने ऑक्सीजन टैंकर के लिए ग्रीन कॉरिडोर मूवमेंट की मांग की

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ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी के बीच, अपोलो अस्पताल की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी ने अस्पतालों को ऑक्सीजन टैंकरों की आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर की मांग की है। ट्वीट्स की एक श्रृंखला में, उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल को मदद करने के लिए टैग किया है क्योंकि उन्होंने पहले आरोप लगाया था कि हरियाणा पुलिस बाधा पैदा कर रही थी।

उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने ट्वीट किया, एक ऑक्सीजन टैंकर एयर लिक्विड पानीपत प्लांट आईओसीएल के गेट के बाहर है और उसे हरियाणा के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है, पुलिस इसे रोक रही है और ऑक्सीजन को हरियाणा से बाहर नहीं जाने दे रही है।”

बाद में उन्होंने ट्वीट एक अपडेट कर कहा कि, “ड्राइवर को बस के अंदर जाने दिया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही ऑक्सीजन को बाहर निकाली जाएगी”।

रेड्डी ने आग्रह किया कि एम्बुलेंस और टैंकरों को जल्दी से ग्रीन कॉरिडोर मूवमेंट दिया जाए।

कोविड मामलों में तेज वृद्धि और अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की उच्च मांग के बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि राजधानी अभी भी ऑक्सीजन संकट का सामना कर रही है।

एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली पिछले कुछ दिनों से ऑक्सीजन संकट का सामना कर रही है। केंद्र सभी राज्यों के लिए ऑक्सीजन कोटा तय करता है। दिल्ली सरकार के अनुमान के अनुसार, शहर को प्रति दिन 700 टन की जरूरत है, हालांकि, केंद्र ने कल 480 टन दिया है। हमें और अधिक की आवश्यकता है, लेकिन इसके लिए हम उनके आभारी हैं।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में मौजूदा स्थिति पर, केंद्र ने विशेष रूप से पिछले दो-तीन दिनों में दिल्ली सरकार को बहुत मदद की है और ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन दिया है।

–आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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