AIADMK ने द्रमुक समर्थकों पर अन्ना कैंटिन में उत्पात का आरोप लगाया

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव हारने वाली अन्नाद्रमुक ने मंगलवार को अरोप लगाया कि द्रमुक के कुछ समर्थकों ने अन्ना कैंटिन में जमकर उत्पात मचाया और तोड़फोड़ की। अन्नाद्रमुक ने तीन पुरुषों और अम्मा कैंटीन में रखे बैनरों को हटाने वाले एक वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा ‘ये है अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा शुरू की गई सब्सिडी वाली कैंटीन जहां इडली की कीमत एक रुपये और सांबर चावल की प्लेट की कीमत सिर्फ 5 रुपये है।’

अन्नाद्रमुक ने यह भी आरोप लगाया कि कैंटीन में उसके कार्यकतार्ओं के साथ मारपीट की गई।

वीडियो में तीन महिलाओं को चुपचाप खड़े होते हुए भी देखा गया।

अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अभियान चलाया था कि द्रमुक के सत्ता में आने पर

कानून-व्यवस्था चरमरा जाएगी और जमीन कब्जाने और अन्य मुद्दे सामने आएंगे।

दो साल पहले डीएमके के लोगों ने बिरयानी मुफ्त में न परोसने के लिए यहां एक रेस्तरां में अधिकारियों के साथ मारपीट की थी। बाद में स्टालिन ने आउटलेट का दौरा किया और वहां के कर्मचारियों को सांत्वना दी थी।

अम्मा कैंटीन में डीएमके समर्थकों के कथित कृत्य की निंदा करते हुए, एएमएमके नेता टीटीवी दिनाकरन ने कहा कि ‘ऐसी चीजों को एक आउटलेट पर घटित होते देखना दर्दनाक है जहां गरीब लोग खाते हैं।’

उन्होंने यह भी कहा कि ‘पार्टी द्वारा राज्य में सत्ता संभालने से पहले ही डीएमके के लोगों ने अपने गैरकानूनी काम शुरू कर दिए हैं और यह चिंताजनक है कि वे किस तरह के काम करते हैं।’

पीएमके संस्थापक एस रामदास ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसमें शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।

नयूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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