Bengal में तीन बजे तक 70.42 प्रतिशत मतदान

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पश्चिम बंगाल में छठे चरण के लिए हो रहे मतदान के दौरान अपराह्न् तीन बजे तक कुल 70.42 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस चरण में कुल 43 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहे हैं। इस बार मतदान अपेक्षाकृत शांति से हो रहे हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, अपराह्न् 3 बजे तक सबसे ज्यादा मतदान पूर्वी बर्दवान में 75 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया। इसके बाद नादिया में 74 प्रतिशत मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। उत्तर 24 परगना में सबसे कम 65.13 प्रतिशत और उत्तरी दिनाजपुर जिले में 72.1 प्रतिशत मतदान हुआ।

छठे चरण में, उत्तर दिनाजपुर और नदिया जिलों में 9, उत्तर 24 परगना में 17 और पूर्वी बर्दवान में 8 सहित 43 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं, जहां 1,04,09,948 मतदाता 306 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे, जिनमें से 27 उम्मीदवार महिलाएं हैं।

–आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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