सोने में लगातार गिरावट बड़ा रही है गोल्ड लोन में परेशानी देखे ताज़ा जानकारी

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कोरोना से पैदा हुए नकदी संकट को पार पाने में गोल्ड लोन बड़ा सहारा बना था। इसी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गोल्ड लोन का लोन टू वैल्यू (एलटीवी) रेशियो 75 फीसदी से बढ़ाकर 90 फीसदी कर दिया था। इससे नकदी संकट से जूझ रहे लोगों को गोल्ड लोन लेने पर अधिक रकम बैंकों से मिला था लेकिन अब गिरती कीमत से परेशानी बढ़ सकती है बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञ अश्विनी राणा ने हिन्दुस्तान को बताया कि लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) लोन की राशि का वह रेश्यो होता है, जो सोने या प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू पर दिया जा सकता है।

गोल्ड लोन में इसे ऐसे समझ सकते हैं कि सितंबर, 2020 में किसी बैंक ने 2 लाख सोने के मूल्य पर 1.60 लाख रुपये का लोन दिया। यानी, एलटीवी अनुपात 80 फीसदी हुआ। अब सोने की कीमत में गिरावट आने से बैंक के पास जमा गोल्ड की कीमत 1.80 लाख रुपये रह गई। इस हालात में एलटीवी बढ़कर 90 फीसदी हो गई। ऐसे हालात में बैंक ग्राहकों को पैसा जमा करने या कोलेट्रल बढ़ाने को कह सकते हैं। इससे कर्जदारों की परेशानी बढ़ सकती है।बैंकिंग विशेशज्ञों के अनुसार, बैंक तेजी से गिर रहे सोने की कीमत पर नजर बनाए हुए हैं। अभी स्थिति गंभीर नहीं हुई है लेकिन आने वाले समय में अगर कीमत और गिरती है तो बैंक गोल्ड लोन लिए लोगों से मार्जिन मनी मांग सकते हैं। वएक और नुकसान नए गोल्ड लोन लेने की तैयारी कर रहें लोगों को हो सकता है।

बैंक सोने की गिरती कीमत को देखते हुए लोन की रकम में कमी कर देंगे।केडिया कमोडिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय केडिया ने हिन्दुस्तान को बताया कि सोने में गिरावट का दौर आगे भी जारी रह सकता है। ऐसा इसलिए कि जिस तेजी से क्रूड महंगा हो रहा है और बॉन्ड-यील्ड बढ़ रहा है वह सोने पर दबाब बढ़ाने का काम करेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1650 डॉलर प्रति औंस तक आ सकता है। केडिया के अनुसार, 7 अगस्त को सोना अपने उच्चतम स्तर 56200 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। हालांकि, नए साल शुरू होने से सोने की कीमत में गिरावट बनी हुई है। यह गोल्ड लोन पर दबाव बढ़ाने का काम करेगा।

 

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