मंडी : सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों का सरकारी अस्पताल से किनारा

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अस्पताल के मुख्य द्वार पर फ्लू कार्नर शुरू हो जाने के बाद अब मरीज तेज बुखार के लक्षणों को भी अनदेखा कर रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण के फैलाव की आशंका भी बढ़ती जा रही है।जोगेंद्रनगर उपमंडल में कोरोना के बढ़ते खौफ के बीच उपमंडलीय अस्पताल में सर्दी, खांसी और तेज बुखार के मरीजों की ओपीडी कम हुई है लेकिन इसी बीच उपमंडल के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी, खांसी के मरीजों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों के बिना परामर्श उपचार हासिल कर होम आइसोलेट मरीज आने वाले समय में प्रशासन और सरकार के लिए भी सिरदर्द बनेंगे। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अभी से सतर्कता बरतते हुए फर्जी चिकित्सकों पर शिकंजा कसना होगा। जोगेंद्रनगर कोरोना को लेकर हाट स्पॉट घोषित हो चुका है। कोविड की दूसरी लहर उपमंडल के लिए काल बनकर आई है। महज दो माह में ही 1500 मरीज कोरोना संक्रमण के पाए गए हैं। बावजूद इसके अस्पताल में सर्दी, खांसी और तेज बुखार के मरीजों के उपचार के लिए उदासीनता क्षेत्र के लिए बेहद नुकसानदायी साबित हो सकती है। वीरवार को लांगणा निवासी एक और महिला की नेरचौक मेडिकल में मौत होने के बाद मृतकों की संख्या 15 पहुंची है। कुल 1460 संक्रमित मरीज दो माह में दर्ज हो चुके हैं। 673 एक्टिव मरीज होम आइसोलेशन में हैं।

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