पीएफ खाते पर मिलता है 7 लाख रुपये का कवर, जाने कैसे उठा सकते है फायदा

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कोरोना की दूसरी लहर में कमाऊ सदस्य की मृत्यु से कई परिवार को संकट का सामना करना पड़ रहा है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 28 अप्रैल को ईडीएलआई योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि बढ़ाकर 7 लाख रुपये करने के अधिसूचना जारी किया। वहीं, न्यूनतम बीमा राशि 2.5 लाख रुपये बढ़ाकर किया था।

यह योजना कर्मचारियों को असामयिक मृत्यु की स्थिति में कवरेज प्रदान करती है। नॉमिनी को बीमा राशि का लाभ मिलता है। यह कवर उन कर्मचारियों के पीड़ित परिवार को भी मिलता है, जिसने एक साल अंदर एक कंपनी को छोड़कर दूसरे में काम किया हो। भुगतान एकमुश्त होता है। ईडीएलआई में कर्मचारी को कोई रकम नहीं देनी होती है। अगर स्कीम के तहत कोई नॉमिनेशन नहीं हुआ है तो कवरेज मृत कर्मचारी का जीवनसाथी, कुंवारी बच्चियां और नाबालिग बेटा/बेटे लाभार्थी होंगे।

अगर ईपीएफ अंशधारक की असमय मौत हो जाती है तो उसके नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी इंश्योरेंस कवर के लिए दावा कर सकते हैं। दावा करने वाला अगर 18 साल से कम उम्र का है तो उसकी तरफ से उसका अभिभावक क्लेम कर सकता है। इसके लिए इंश्योरेंस कंपनी को इंप्लॉई की मृत्यु का प्रमाण पत्र, सक्सेशन सर्टिफिकेट, माइनर नॉमिनी की ओर से अभिभावक द्वारा दावा किए जाने पर गार्जियनशिप सर्टिफिकेट और बैंक डिटेल्स देने की जरूरत होगी। अगर पीएफ खाते का कोई नॉमिनी नहीं है तो फिर कानूनी उत्तराधिकारी क्लेम कर सकता है।पीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए नियोक्ता के पास जमा होने वाले फॉर्म के साथ बीमा कवर का फॉर्म 5 आईएफ भी जमा करना होगा। इस फॉर्म को नियोक्ता सत्यापित करेगा।

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