आधुनिक भंडारण के लिए जल्द नई योजना शुरू करेगी मोदी सरकार जाने खास रिपोर्ट

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केंद्र सरकार ने चार साल के अंदर गेहूं की भंडारण के लिए आधुनिक साइलो बनाने का लक्ष्य रखा है। वहीं, चावल के आधुनिक भंडारण के लिए भी सरकार पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। ताकि, कुछ वर्षो के भीतर भंडारण के दौरान खाद्यान्न के खराब होने की तादाद को बेहद कम किया जा सके। खाद्य सचिव सुधांशु पांडे का कहना है कि सरकार जल्द भंडारण के आधुनिकरण की योजना शुरू करेगी। सरकार की कोशिश है कि 2024-25 तक गेहूं का भंडारण आधुनिक साइलो में किया जाए। इसके साथ खाद्यान्न के खराब होने की तादाद को कम करने के लिए खुले हुए गोदामों को खत्म किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्रीय वेयरहाउस के गोदामों की क्षमता में भी वृद्धि की गई है। सुधांशु पांडे ने कहा कि गोदामों में करीब 20 फीसदी क्षमता को बढाया गया है। ताकि, ज्यादा से ज्यादा खाद्यान्न को बंद गोदामों में रखा जा सके। यही वजह है कि खाद्यान्न की खराबी में कमी आई है।

खाद्य सचिव ने कहा कि चावल को अधिक वक्त तक रखने के लिए बक्सर में पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर चावल के भंडारण के लिए भी आधुनिक साइलो का निर्माण किया जाएगा। दरअसल, सरकार ने कई साल पहले सरकार ने निजी क्षेत्र के साथ मिलकर आधुनिक साइलो बनाने शुरू किए थे। पर अभी तक आधुनिक साइलो की क्षमता बहुत ज्यादा नहीं बढ़ी है।

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