नहीं जानते होंगे आप, नैना देवी मंदिर से जुड़ा ये अनोखा रहस्य…

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आज हम आपको नैना देवी मंदिर के रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि प्राचीन समय से लेकर आज तक केवल रहस्य बना हुआ है। आपको बता दे कि यह मंदिर हिमाचल प्रदेश में बना हुआ है। धार्मिक ग्रंथों के हिसाब से भारत वर्ष में कुल 51 शक्तिपीठ है। बताया जाता है कि इन सभी स्थानों माता सती के अंग गिरे थे ।

इसके बारे में बताया जाता है कि जब माता सती के पिता दक्ष ने यज्ञ करवाया तो उसने माता सती और भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया जिसके बाद में माता सती बिना बुलाए ही इस यज्ञ में शामिल होने के लिए चली गई । मगर वहां पर राजा दक्ष ने उनका अपमान किया और भगवान शिव को भी काफी बुरा भला सुनाया जिसके बाद माता सती ने वहीं पर आत्मदाह कर लिया । मगर जब इस बात के बारे में भगवान शिव को पता चला तो उन्होंने माता सती के शरीर को हवन से निकाला और तांडव करने लगे तब ब्रहामाण्ड को बचाने के लिए विष्णु जी ने अपने चक्र से माता सती के शरीर को 51 भागो में बांट दिया और जहां पर भी माता सती के शरीर के भाग गिरे वहां पर एक शक्ति पीठ की स्थापना हो गई ।

मान्यता है कि नैना देवी में माता सती की आंखे गिरी थी। चैत्र नवरात्र और आश्विन नवरात्र के दौरान यहां दूर-दूर से लोग देवी के दर्शन करने आते हैं। बता दें कि इस मंदिर के मुख्य द्वार के दाईं ओर भगवान गणेश और हनुमान विराजमान हैं। मंदिर के गर्भगृह में तीन मुख्य प्रतिमाएं हैं। दाईं ओर माता काली, बीच में नैना देवी और बाईं ओर भगवान गणेश हैं। बताया जा रहा है कि सिक्खों के दसवें गुरू गोबिंद सिंह जी ने भी यहां माता की तपस्या की थी।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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