मध्य प्रदेश का योद्धास्थल संग्रहालय देश में पहले स्थान पर

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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित योद्धास्थल देश के शीर्ष संग्रहालय में शुमार किया गया है। दूसरे स्थान पर जम्मू एवं कश्मीर के लेह में स्थित हॉल ऑफ फेम और तीसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित विक्टोरिया मेमोरियल हॉल है। ट्रिपएडवाइजर ने पूरी दुनिया और भारत के ट्रैवलर्स चॉइस अवार्ड विजेता संग्रहालयों के नामों की घोषणा की है।

ट्रिपएडवाइजर के मुताबिक, चौथे स्थान पर महाराष्ट्र के पुणे स्थित दर्शन संग्रहालय, पांचवें स्थान पर मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित मध्य प्रदेश आदिवासी संग्रहालय, छठे स्थाल पर हरियाणा के तौरू स्थित हेरीटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम, सातवें स्थान महाराष्ट्र के शिर्डी स्थित दीक्षितवाडा संग्रहालय, आठवें स्थान पर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित हजारीद्धारी पैलेस म्यूजियम, नौवें स्थान पर राजस्थान के उदयपुर स्थित बागोरे की हवेली और 10वें स्थान पर दिल्ली स्थित गांधी स्मृति है।

तीन भारतीय संग्रहालयों ने एशिया सूची में जगह बनाई है- योद्धा स्थल (13वां), हॉल ऑफ फेम (18वां) और विक्टोरिया मेमोरियल हॉल (22वां)।

ट्रिपएडवाइजर इंडिया के कंट्री मैनेजर, निखिल गंजू ने कहा, “संग्रहालय उन महत्वपूर्ण आयोजन, घटनाओं और व्यक्तियों के बारे में जानने का सबसे प्रभावी जरिया हैं, जिन्होंने किसी स्थान के इतिहास और संस्कृति को आकार देने में मदद की है। ये संस्थान सदियों पुरानी कहानियों का खजाना हैं और ये यात्रियों को एक अलग दुनिया में ले जाते हैं।”

उन्होंने कहा, “भारत में ऐसे कई स्थान हैं, जहां ऐतिहासिक महत्व की चीजें संग्रह कर रखी गई हैं। और सच्चाई यह है कि इस साल हमारी सूची में नए प्रवेशकर्ता भी हैं, जो यह बताते हैं कि यात्री इनका अनुभव लेना चाहते हैं, जो उस स्थान के बारे में उनकी जानकारी को बढ़ाने में मदद करते हैं।”

भोपाल मिल्रिटी स्टेशन में स्थित योद्धास्थल संग्रहालय देश के लिए लड़े गए युद्धों और उनकी जीत की कहानियां बताता है। यहां आधुनिक भारतीय सेना के बारे में ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले और आर्मी अस्त्र शस्त्र में पुराने युद्धों में उपयोग किए हथियारों को देख सकते हैं।

कारगिल रोड पर स्थित, हॉल ऑफ फेम भारतीय सेना द्वारा निर्मित संग्रहालय है। इसे उन सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया है, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने प्राण न्योछावर किए थे। इस संग्रहालय में भारतीय सेना के हथियारों, कपड़ों, सुविधाओं, इतिहास और संस्कृति के साथ दुश्मनों से जब्त हथियारों को प्रदर्शित किया गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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