यशवंत सिन्हा ने कहा, देश को दोबारा नहीं बंटने देंगे !

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मुंबई से गांधी शांति यात्रा लेकर निकले पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा रविवार को सैफई पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां पर आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि देश को दोबारा नहीं बंटने देंगे। यशवंत सिन्हा ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के साथ 158 फुट ऊंचा तिरंगा झंडा फहराया। यशवंत सिन्हा ने कहा, “हम लोग गांधीजी के सत्य, शांति और अहिंसा का संदेश लेकर यात्रा पर निकले हैं। इस यात्रा पर निकलने की इसलिए आवश्यकता पड़ी, क्योंकि आज देश का संविधान और गणतंत्र खतरे में है।”

उन्होंने कहा कि आज जिस गणतंत्र और संविधान को 26 जनवरी, 1950 को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के साथियों ने देश को दिया था, वह संविधान खतरे में है। सिन्हा ने कहा, “हमारा गणतंत्र खतरे में है, इसलिए गांधी शांति यात्रा की जरूरत आ पड़ी। पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, देश को धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश हो रही है। लेकिन हम इसे दोबारा बंटने नहीं देंगे।”

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “हमारे भारत के लोगों में नफरत की खाई पैदा हो रही है, उसको कैसे दूर किया जाए। लोकतंत्र में अपनी बात सभी को कहने का अधिकार है, अगर हम किसी बात से असहमत हैं तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि सुनवाई होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने लोगों के अंदर डर पैदा कर दिया है। सपा प्रमुख ने प्रश्न किया, “ये लोग देश को किस रास्ते पर लेकर जा रहे हैं? एक वह (महात्मा गांधी) थे, जो लाठी लेकर गुजरात से चले थे और यमुना के किनारे आखिरी सांस ली थी और ये लोग (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री शाह) निकले तो गुजरात से हैं और यमुना किनारे बैठे हैं। लेकिन ये लोग देश को बांटने का काम करना चाहते हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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