यामाहा के चेन्नई संयंत्र में स्थापित होगा सौर ऊर्जा संयंत्र, जानिए इसके बारे में !

0
56

बताया जा रहा है​ कि वाहन निर्माता कंपनी यामाहा मोटर इंडिया ग्रुप ने पर्यावरण संरक्षण की अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए चेन्नई स्थित अपने निर्माण संयंत्र में 1100 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है। इसके साथ ही कंपनी के संयंत्र में सौर ऊर्जा की क्षमता बढ़कर 1450 किलोवाट हो गई है। कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उसकी योजना साल के अंत तक सौर ऊर्जा की क्षमता 3500 किलोवाट तक बढ़ाने की है।

कंपनी ने सौर ऊर्जा संयंत्र को स्थापित करने के लिए महिंद्रा सस्टेन से करार किया। इंडिया यामाहा मोटर के उप प्रबंध निदेशक रिऊजी कवाशिमा ने इस मौके पर कहा, “देश को हरित और स्वच्छ वातावरण प्रदान करने और ऊर्जा संचय के लिए अक्षय ऊर्जा वर्तमान समय की जरूरत है। ऊर्जा संचय में योगदान देना और कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन रोकने में मदद करना हमारी जिम्मेदारी बनती है।”

साल 2015 में स्थापित चेन्नई फैक्ट्री अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और तकनीकी की सहायता से जल निकास रोधी, अपशिष्ट जल का दोबारा उपयोग और दिन की रोशनी का सर्वाधिक उपयोग करने पर जोर देती है जिससे पर्यावरण को फायदा और ऊर्जा का संचय हो सके।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleचीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग लाने का सोच रही कांग्रेस अब क्यों पलट गई?
Next articleतीन बड़ी कंपनिया मिलकर बनाने जा रही हैं पहला इलेक्ट्रिक हवाई जहाज
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here