WWE हाल ऑफ फेम मिक फोली और जैफ हार्डी रिसर्च के लिए अपना ब्रेन करेंगे दान

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Bloomsmag की हालिया रिपोर्ट के अनुसार WWE हाल ऑफ फेम मिक फोली और पूर्व टैग टीम चैंपियन जैफ ने रिसर्च के लिए अपना ब्रेन दान करने का फैसला लिया है। इस एलान से पहले जैफ हार्डी पहले भी एक बार रिंग रस्ट रेडियो के साथ इंटरव्यू में इस बात का ज्रिक कर चुके हैं।

जैफ हार्डी ने कहा था कि मेरी पत्नी केविन नैश इस घोषणा को कहीं पर पढ़ रही थी और जैसे मैंने इसे सुना तो मैंने कहा कि मैं यह करना चाहता हूं। मैं इसका हिस्सा बनना चाहता हूं। यह रैसलिंग के लिए सबसे सीरियस मुद्दा है। हार्डी ने कहा कि मैं लकी हूं जो मुझे ऐसा करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि केविन नैश ने मैं बहुत प्रेरित हूं लेकिन मुझे नहीं पता था कि RVD भी इसका हिस्सा थे। उन्होंने वाकई मुझे बहुत प्रेरित किया है।

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WWE सुपरस्टार मिक फोली और जैफ हार्डी क्रोनिक ट्रॉमेटिक एन्सेफैलोपैथी अनुसंधान को अपना ब्रेन दान करने के लिए तैयार हो गए है। ताकी वैज्ञानिक रैसलर्स के दिमाग का अध्ययन कर सकें।


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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