वर्ल्ड सॉइल डे स्पेशल :- क्यों मनाया जाता है सॉइल डे क्या है इसको मनाने के  पीछे की वजह ?

आज वर्ल्ड सॉइल डे है । यानि मृदा दिवास । आप सोच रहे होंगे की यह क्या बकवास है मिट्टी का भी बहला कोई दिन मनाया जाता है क्या भला ।

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जयपुर । आज वर्ल्ड सॉइल डे है । यानि मृदा दिवास । आप सोच रहे होंगे की यह क्या बकवास है मिट्टी का भी बहला कोई दिन मनाया जाता है क्या भला । मिट्टी तो मिति होती है इसका दिन कोई माना कर क्या करेगा । और भी कई तरह के विचार लोगों के मन में इस तरह की बात सुन कर आते हैं ।

पर क्या आप जानते हैं की असल में यह दिन हमारी ही गलतियों की देन  है की आज इस दिन को विशेष तौर पर मनाया जा रहा है । अन्यथा मिट्टी से जुड़ी जागरूकता की किसी को कभी क्या जरूरत पद सकती है । मिट्टी से जुड़ी जागरूकता  की ठीक वैसे ही जरूरत है जैसे की कैंसर या एड्स की बीमारी को ले कर है ।

हमारे द्वारा की गई गलतियों का ही नतीजा है की आज हमको इस दिन को मनाने की जरूरत पड़ रही है ।  दुनियाभर में हर साल 5 दिसंबर को विश्व मिट्टी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उदेश्य किसानो के साथ आम लोगों को मिट्टी की महत्ता के बारे में जागरूक करना है। दिसंबर 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 68वीं सामान्य सभा की बैठक में पारित संकल्प के द्वारा 05 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस मनाने का संकल्प लिया गया था। सबसे पहले यह खास दिन संपूर्ण विश्व में 05 दिसंबर 2014 को मनाया गया था। इस दिवस को खाद्य व कृषि संगठन द्वारा मनाया जाता है। विश्व मृदा दिवस 2018 की थीम “मृदा प्रदूषण रोको” थी।

हम जगह जगह कचरा दाल देते हैं । काहीन भी कुछ भी फेक देते हैं । किसान फसल अच्छी करने के लिए कई तरह के केमिकल्स अपनी खाद में मिला कर खेत में डालते हैं जिससे भूमि की उर्वरक क्षमता का हास हो रहा है । इसके कारण पेड़ पौधो पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है । आज भूमि से यह वायु प्रदूषण पर भी पहुँच गया है । इसलिए मृदा प्रदूषण रोकने के लिए स दिन को मनाने की जरूरत पड़ रही है ।

 

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