वर्ल्ड हीमोफीलिया डे :- क्या है रॉयल ब्रिटिश डीजीज के नाम से मशहूर यह बीमारी हीमोफीलिया

यह बीमारी ज़्यादातर आनुवांशिक होती है । गुणसूत्र  इस बीमारी के वाहक होती  हैं यानि इस बीमारी को आगे बढ़ाने वाले होते हैं । यह बीमारी महिलों द्वारा फैलती है

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जयपुर । आज विश्व हीमोफीलिया दिवस है । यह रोग रक्त विकार से जुड़ा हुआ है । ज़्यादातर यह बीमारी महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा पाई जाती है । ऐसा नही है की यह बीमारी औरतों में नही होती , यह बीमारी औरतों में ही होती है जो की उनके द्वारा पुरुषों तक पहुँच जाती है । यह बीमारी ज़्यादातर आनुवांशिक होती है । गुणसूत्र  इस बीमारी के वाहक होती  हैं यानि इस बीमारी को आगे बढ़ाने वाले होते हैं । यह बीमारी महिलों द्वारा फैलती है ।

इस बीमारी को रॉयल ब्रिटिश डीजीज कहा जाता है क्योंकि यह बीमारी इतिहास में रानी विक्टोरिया को पाई गई थी जिसके कारण इसका नाम रॉयल ब्रिटिश डीजीज पड़ गया । इस बीमारी की जागरूकता के लिए 17 अप्रेल को हीमोफीलिया डे मनाया जाता है । यह कोई ऐसी वैसी बीमारी नही है यह बीमारी जानलेवा बीमारियों में से एक है ।

क्या है हीमोफीलिया ? हीमोफीलिया एक प्रकार का रक्त विकार है , इस बीमारी में खून का बहना नही रुक पता । हम यह भी कह सकते हैं की इस बीमारी में खून का थक्का नही बन पाता है जिसके कारण लोगों का खून बहना नही रूकता और यही कारण उनको जान बहुत ही आसानी से ले सकता है ।

हमारे शरीर में खून के अंदर एक ऐसा कारक पाया जाता है जो की खून का थक्का बनने में मददगार होता है । पर कई बार आनुवांशिक कारणों से जब किसी को यह बीमारी होती है तो उसके शरीर में खून का थक्का नही बन पाता । जैसा हमारे सभी के साथ हमने देखा है की कट जाने पर चोट आ जाने पर खून निकाल कर कुछ देर में बंद हो जाता है पर हीमोफीलिया के रोगी का खून बहना नही रुकता है उनको खून का थक्का बन ही नही पाता है ।

 

 

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