वर्ल्ड हीमोफीलिया डे :- क्या होते हैं इस गंभीर बीमारी हीमोफीलिया के लक्षण

हीमोफीलिया यह बीमारी रक्त विकार के  कारण होती है जो की आनुवांशिक होती है । महिलों को यह बीमारी बहुत ही कम या ना के बराबर होने की संभावना होती है

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जयपुर । हीमोफीलिया यह बीमारी रक्त विकार के  कारण होती है जो की आनुवांशिक होती है । महिलों को यह बीमारी बहुत ही कम या ना के बराबर होने की संभावना होती है महिलाओं में यह बीमारी इतिहास में रानी विक्टोरिया में पाई गई थी जिसके कारण इस बीमारी का नाम रॉयल ब्रिटिश डीजीज के आम से भी जाना जाता है । यह बीमारी पुरुषों में पाई जाती है परंतु महिलाओं के द्वारा यह बीमारी फेलती है और गुणसूत्र  इस बीमारी के वाहक बनते हैं इसी कारण यह बीमारी आनुवांशिक होती है ।

यह एक जानलेवा बीमारी है यदि किसी को यह बीमारी ओगी तो वह जन्मजात ही होगी । इस बीमारी का पता बहुत जल्दी से नही चल पाता है और जब इस बीमारी का पता चलता भी है तो इसके रोगी को बहुत ही ज्यादा खास ध्यान रखने की आवश्यकता होती है । यदि कोई चोट हल्की  भी लग जाये तो खून न रुकने के  कारण उसकी मौत हो सकती है ।

इस बीमारी के लक्षण क्या है कैसे पता चलता है की किसी व्यक्ति को यह बीमारी है ? आइये जानते हैं इस बारे में ।

इसके लक्षण हल्के से लेकर बहुत गंभीर तक हो सकते हैं।  ये ख़ून में मौजूद थक्कों के स्तर पर निर्भर करता है।  लंबे समय तक रक्तस्राव के अलावा भी इस बीमारी के दूसरे लक्षण होते हैं।

  • नाक से लगातार ख़ून बहता है।
  • मसूड़ों से ख़ून निकलता है।
  • त्वचा आसानी से छिल जाती है।
  • शरीर में आं​तरिक रक्तस्राव के कारण जोड़ों में दर्द होता है।
  • कई बार हीमोफीलिया में सिर के अंदर भी रक्तस्राव होता है। इसमें बहुत तेज़ सिरदर्द, गर्दन में अकड़न होती उल्टी आती है।  इसके अलावा धुंधला दिखना, बेहोशी और चेहरे पर लकवा होने जैसे लक्षण भी होते हैं।  हालांकि, ऐसा बहुत कम मामलों में होता है।

हीमोफीलिया के तीन स्तर होते हैं।  हल्के स्तर में शरीर में थक्के के बनाने वाले घटक 5 से 50 प्रतिशत तक होते हैं।  मध्यम स्तर में ये घटक 1 से 5 प्रतिशत होते हैं और गंभीर स्तर के 1 प्रतिशत से भी कम होते हैं।

 

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