विश्व कप : मजबूत इंग्लैंड के सामने सिमटी अफगानिस्तान (राउंडअप)

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इंग्लैंड ने मंगलवार को ओल्ड ट्रेफर्ड स्टेडियम में खेले गए आईसीसी विश्व कप-2019 के मैच में एकतरफा प्रदर्शन कर अफगानिस्तान को 150 रनों से करारी हार सौंपी। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने पहले बल्ले से कहर बरपाया और अपने मजबूत स्पिन गेंदबाजी आक्रमण के लिए मशहूर अफगान टीम के सामने 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 397 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। यह इस विश्व कप और इस मैदान पर अभी तक का सर्वोच्च स्कोर भी है।

इंग्लैंड के लिए कप्तान इयोन मोर्गन ने 148, जॉनी बेयरस्टो ने 90 और जोए रूट ने 88 रन बना। इंग्लैंड के बल्लेबाजों, खासकर मोर्गन के तूफानी अंदाज का आलम यह था कि वनडे में वर्ल्ड नंबर-3 राशिद खान ने नौ ओवरों में 110 रन लुटाए और विश्व कप के एक मैच में सबसे खर्चिले स्पिनर का रिकार्ड अपने नाम कर लिया।

अफगानिस्तानी टीम जानती थी कि यह लक्ष्य उसकी पहुंच से दूर है, इसलिए उसकी कोशिश पूरे 50 ओवर खेलने की थी जिसमें वो सफल रही। टीम ने पूरे ओवर खेलने के बाद आठ विकेट खोकर 247 रन बनाए। उसके लिए हसमतुल्लाह शाहिदी ने सबसे ज्यादा 76 रन बनाए जिसके लिए उन्होंने 100 गेंदों का सामना किया और पांच चौके तथा दो छक्के मारे।

अफगानिस्तान को हालांकि शुरुआत में ही विकेट खोना पड़ा था। फॉर्म में चल रहे जोफ्रा आर्चर ने नूर अली जादरान को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। यहां अफगानिस्तान का स्कोर चार रन था। टीम के मध्य क्रम ने विकेट पर टिकने वाली बल्लेबाजी की और कुछ साझेदारियां कीं। गेंद से तीन विकेट लेने वाले अफगानिस्तान के कप्तान गुलबदीन नैब ने रहमत शाह के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 48 रन जोड़े।

कप्तान के बाद रहमत ने शाहिदी के साथ मिलकर अपने काम को आगे बढ़ाया और 52 रनों की साझेदारी की। रहमत हालांकि अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 46 के निजी स्कोर पर आदिल राशिद का शिकार बने। उन्होंने 74 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगया।

शाहिदी ने फिर असगर अफगान के साथ चौथे विकेट के लिए 94 रन जोड़े। राशिद ने असगर को भी अर्धशतक पूरा नहीं करने दिया। 44 रन बनाने वाले पूर्व कप्तान 198 के कुल स्कोर पर चौथे विकेट के रूप में आउट हुए।

यहां से इंग्लैंड ने मोहम्मद नबी, शाहिदी, नाजीबुल्लाह जादरान (15) के विकेट खोए। इकराम अली खिल तीन रनों पर नाबाद लौटे।

इससे पहले, इंग्लैंड ने हालांकि शुरुआत बेहद धीमी की थी। चोटिल जेसन रॉय के स्थान पर टीम में आए विंसे ने 31 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 26 रनों की पारी खेली और 10वें ओवर में 44 के कुल स्कोर पर दौलत जादरान का शिकार बने, लेकिन विंसे के जाने के बाद रूट और बेयरस्टो ने रन गति बढ़ाई।

रूट और बेयरस्टो ने लगभग 20 ओवरों मैदान पर बिताए और 120 रन बनाए। अफगानिस्तान के कप्तान गुलबदीन नैब ने बेयरस्टो को 10 रनों से शतक से महरूम रख दिया। उन्होंने 99 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और तीन छक्के मारे। वह 164 के कुल स्कोर पर आउट हुए।

यहां से कप्तान मोर्गन ने कदम रखा और अफगानिस्तानी गेंदबाजों खासकर राशिद को निशाना बनाया। मोर्गन ने सिर्फ 57 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया जो विश्व कप के इतिहास में चौथा सबसे तेज शतक है।

मोर्गन ने अपने पचास रन 36 गेंदों पर पूरे किए और बाद के 50 रन बनाने के लिए 21 गेंदें लीं। मोर्गन ने रूट के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 189 रनों की साझेदारी की।

रूट हालांकि अपना शतक पूरा नहीं कर पाए। वह 353 के कुल स्कोर पर गुलबदीन की गेंद पर रहमत शाह के हाथों लपके गए। रूट के जाने के छह रन बाद गुलबदीन और रहमत की जोड़ी ने मोर्गन को भी पवेलियन भेज दिया।

मोर्गन का यह सर्वोच्च स्कोर भी है। उन्होंने 71 गेंदों पर चार चौके और 17 छक्कों की मदद से तूफानी पारी खेली। इसी के साथ मोर्गन एक वनडे मैच में सबसे ज्यादा छक्के मारने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।

मोर्गन के जाने के बाद मोइन अली (नाबाद 31 रन, चार छक्के, एक चौका) ने इंग्लैंड को इस विश्व कप के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

गुलबदीन के अलावा दौलत जादरान ने भी तीन विकेट लिए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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