विश्व कप : भारत 7, पाकिस्तान 0 (राउंडअप)

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आईसीसी आयोजनों में भारत का अपने पड़ोसी और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर वर्चस्व जारी है। भारतीय टीम ने ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर रविवार को पाकिस्तान को 89 रन (डकवर्थ-लेविस नियम के आधार पर) से हराते हुए आईसीसी आयोजनों में पाकिस्तन के खिलाफ 7-0 की बढ़त बना ली है।

टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने रोहित शर्मा (140) के करियर के 24वें शतक के अलावा लोकेश राहुल (57) तथा कप्तान विराट कोहली (77) की उम्दा पारियों की मदद से 50 ओवरों में पांच विकेट पर 336 रन बनाए।

जवाब में पाकिस्तानी टीम 40 ओवरों में 6 विकेट पर 212 रन ही बना सकी। तीसरी बार आई बारिश के बाद पाकिस्तान को 40 ओवरों में 302 रन बनाने का लक्ष्य मिला था। खेल रोके जाने तक पाकिस्तान ने 35 ओवर में च6 विकेट पर 166 रन बनाए थे।

पाकिस्तान के लिए फकर जमान ने सबसे अधिक 62 रन बनाए। भारत की ओर से हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव और विजय शंकर ने दो-दो विकेट लिए। रोहित को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत ने भारतीय टीम को 10 टीमों की तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। भारत के चार मैचों से सात अंक हो गए हैं जबकि पाकिस्तान के पांच मैचों से सिर्फ तीन अंक हैं और वह नौवें स्थान पर खिसक गया है।

बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसने 13 रन के कुल योग पर अपने सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक (7) का विकेट गंवा दिया। यह विकेट अपना पहला विश्व कप खेल रहे विजय शंकर ने लिया। विजय अपने साथी भुवनेश्वर कुमार का अधूरा ओवर पूरा कर रहे थे, जो हैमस्ट्रींग के कारण मैदान से बाहर चले गए और फिर वापस नहीं आए।

विजय ने पांचवें ओवर की पांचवीं गेंद पर इमाम को चलता किया। इसके बाद हालांकि बाबर आजम (48) और फकर जमान (62) ने दूसरे विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी करते हुए स्थिति को सम्भालने की कोशिश की लेकिन बढ़ते आस्किंग रन रेट का जबाव उन पर हावी होता रहा।

इसी का नतीजा था कि बाबर 117 रन के कुल योग पर अपना संयम खो बैठे और कुलदीप यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बाबर ने 57 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। अपने साथी के जाने के बाद फकर भी अधिक देर टिक नहीं सके और 126 के कुल योग पर कुलदीप की गेंद पर डीपफाइन लेग पर युजवेंद्र चहल के हाथों लपके गए। फकर ने 75 गेंदों पर सात चौके और एक छक्का लगाया।

इसके बाद पाकिस्तान को 129 के कुल योग पर दो लगातार झटके लगे। हार्दिक पांडया ने मोहम्मद हफीज (9) और शोएक मलिक (0) को लगातार गेंदों पर आउट करके पाकिस्तान की उम्मीदें धुंधली कर दीं। कप्तान सरफराज (12) ने इमद वसीम (नाबाद 46) के साथ संघर्ष करने का प्रयास किया लेकिन 165 के कुल योग पर वह भी पवेलियन लौट गए।

इमद का साथ देने शादाब खान (नाबाद 20) आए। इसी बीच बारिश आ गई। उस समय तक पाकिस्तान ने 6 विकटे पर 166 रन बनाए थे। कुछ देर बाद जब खेल शुरू हुआ तो पाकिस्तान को 40 ओवरों में 302 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे हासिल कर पाना उसके लिए नामुमकिन था। अंतत: पाकिस्तानी टीम तमाम प्रयासों के बाद 40 ओवरों में छह विकेट पर 212 रन ही बना सकी।

इससे पहले, अंगूठे में फ्रैक्चर के कारण बाहर चल रहे शिखर धवन के स्थान पर पारी की शुरुआत करने आए राहुल और इस विश्व कप में अपना दूसरा शतक लगाने वाले रोहित ने पहले विकेट के लिए 136 रनों की रिकार्ड साझेदारी निभाई और बारिश की आशंका के बीच टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी कर रही भारतीय टीम को 50 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 336 रनों तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाया।

इस विश्व कप में अपना दूसरा शतक लगाने वाले रोहित ने 113 गेंदों पर 14 चौके और तीन छक्के लगाए जबकि राहुल ने 78 गेंदों का सामना कर तीन चौके और दो छक्के लगाए। रोहित और राहुल ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले विकेट के लिए सबसे अधिक 136 रनों की साझेदारी कर बरसों पुराना रिकार्ड ध्वस्त किया।

भारत का पहला विकेट 136 के कुल योग पर राहुल के रूप में गिरा। राहुल को वहाब रियाज ने बाबर आजम के हाथों कैच कराया। रोहित ने 34 गेंदों पर अर्धशतक पूरा करने के बाद 85 गेंदों पर सैकड़ा पूरा किया। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए विश्व कप मैचों में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले रोहित 234 रनों के कुल योग पर हसन अली की गेंद पर फाइन लेग पर वहाब रियाज के हाथों लपके गए।

राहुल की विदाई के बाद रोहित का साथ देने आए कप्तान कोहली ने इस बीच, अपने 230वें मैच की 222वीं पारी में सबसे तेजी से 11 हजार रन पूरे किए। वह इस मुकाम पर पहुंचने वाले तीसरे भारतीय हैं। उनसे अधिक रन सचिन तेंदुलकर (18426) और सौरव गांगुली (11363) ने ही बनाए हैं। विश्व पटल पर 11 हजार रन पूरे करने वाले कोहली नौवें बल्लेबाज हैं लेकिन कोहली ने इन सभी बल्लेबाजों में सबसे तेजी से इतने रन पूरे किए हैं।

कोहली ने 51 गेंदों पर अपने करियर का 51वां अर्धशतक पूरा किया और फिर 57 के कुल योग पर पहुंचते ही 11 हजार रनों के मील के पत्थर को छुआ। कोहली ने अपनी पारी में 65 गेंदों का सामना कर सात चौके लगाए।

हार्दिक पांड्या ने 19 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 26 रनों की तेज पारी खेली लेकिन महेंद्र सिंह धोनी (1) नाकाम रहे। 47वें ओवर की चौथी गेंद पर विजय शंकर को अम्पायर ने कैच आउट नहीं दिया तो पाकिस्तान ने रिव्यू लिया, जिसे नकार दिया गया। इसी बीच बारिश आ गई और खेल रोक दिया गया। उस समय तक भारत ने चार विकेट पर 305 रन बनाए थे।

खेल दोबारा शुरू हुए तो कोहली 77 के निजी योग पर आमिर की गेंद पर विकेट की पीछे सरफराज अहमद के हाथों लपके गए। इसके बाद हालांकि विजय (नाबाद 15, 15 गेंद, एक चौका) और केदार जाधव (9 रन, 8 गेंद, 1 चौका) ने कोई और नुकसान नहीं होने दिया।

पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद आमिर ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए जबकि हसन अली और वहाब रियाज को एक-एक सफलता मिली।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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