विश्व बैंक ने गरीबी उन्मूलन में चीन के योगदान की प्रशंसा की

0

विश्व बैंक के गर्वनर डेविड मालपास ने कहा कि चीन ने पिछले कुछ दशकों में बाजार-उन्मुख सुधारों के माध्यम से बेहतरीन विकास हासिल किया और करोड़ों लोगों को गरीबी से उबारा। मालपास ने विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शरद ऋतु वार्षिक बैठक से पूर्व प्रेस सम्मेलन में कहा कि चीन ने आर्थिक सुधार लागू कर विश्व अर्थव्यवस्था में सक्रिय रूप से भाग लिया और दुनिया से संपर्क मजबूत किया। यह चीन के विकास के लिए चीन की गरीबी में कमी लाने के लिए सार्थक है।

चीन का छठा गरीबी उन्मूलन दिवस और गरीबी उन्मूलन के लिए 27वां अंतर्राष्ट्रीय दिवस है। सुधार और खुलेपन के बाद इन 40 वर्षो में चीन ने 70 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और वैश्विक गरीबी में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मालपास ने कहा कि पिछले 40 वर्षो में विश्व बैंक और चीन के बीच संबंध लगातार विकसित हो रहे हैं। विश्व बैंक ने गरीबी कम करने की परियोजनाओं और आर्थिक विपणन जैसे क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग बनाए रखा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleप्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के आसपास कोई भी नेता नहीं : सर्वेक्षण
Next articleचीन में टैक्स व फीस कटौती इस वर्ष 15 खरब युआन तक पहुंची
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here