जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान के लिए काम करें युवा : प्रभु

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या का समाधान करने के लिए युवाओं को एकजुट होकर काम करना होगा क्योंकि इससे दुनिया का हर व्यक्ति प्रभावित है। उन्होंने कहा कि बाढ़, सूखा, पेयजल संकट और प्राकृतिक आपदाएं जलवायु परिवर्तन के ही नतीजे हैं।

प्रभु यहां टेरी स्कूल ऑफ अडवांस्ड स्टडीज और डालमिया सीमेंट की ओर से आयोजित क्लामेट जंबूरी सम्मेलन में बोल रहे थे। त्यागराज स्टेडियम में बुधवार को तीन दिवसीय ‘क्लाइमेट जंबूरी’ का आगाज हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से 10,000 युवा, 100 से अधिक विशेषज्ञों और 50 से अधिक साझेदारों ने हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा, “समृद्ध देशों की तरह हमारे पास इस समस्या से निपटने के लिए उपयुक्त संसाधन नहीं है। ऐसे में हम सभी को, खासतौर पर युवाओं को इस मुद्दे पर एकजुट होकर काम करना होगा तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरुकता लानी होगी।”

आयोजक ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम युवाओं को हितधारकों से जोड़ेगा और जलवायु परिवर्तन एवं स्थायी विकास के लक्ष्यों के लिए उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह सम्मेलन युवाओं को अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित करेगा ताकि वे पर्यावरण में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए आधुनिक एवं स्थायी समाधान प्रस्तुत कर सकें । इस मौके पर दिसंबर 2018 में पोलैंड में होने वाले सीओपी-24 के लिए समग्र दस्तावेज का ऐलान भी किया जाएगा।

कार्यक्रम में डालमिया ग्रुप के प्रबंध निदेशक पुनीत डालमिया ने कहा, “जलवायु परिवर्तन की समस्या का समाधान तलाशना वक्त की मांग है। हम सभी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और हमें इसमें योगदान देना चाहिए। भारत में हम प्रकृति को मां का दर्जा देते हैं, ऐसे में इसे सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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