सुंदर दिखने के लिए अक्सर दबाव में रहती हैं महिलाएं : नंदिता दास

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समाज में व्याप्त असमानता पर बोलने के लिए चर्चित अभिनेत्री नंदिता दास को लगता है कि सुंदर दिखने के लिए महिलाएं अक्सर दबाव में रहती हैं। नंदिता मुंबई में बुधवार को गुल पनाग और टिस्का चोपड़ा के साथ फ्लैगशिप स्टोर, शेड्स ऑफ इंडिया के लॉन्च पर मीडिया से बातचीत कर रही थीं।

वर्ष 2013 में ‘डार्क इज ब्यूटीफुल’ नामक एक अभियान चला था। अभियान का मकसद हमारे समाज में रंग की वजह से पुरुषों और महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव को उजागर करना था।

वह हमेशा इस बात पर जोर देती रही हैं कि सभी रंगों के लोगों का समान रूप से सत्कार किया जाना चाहिए और अब इसी कड़ी में उन्होंने दो मिनट का एंथम लॉन्च किया है।

‘इंडिया गोट कलर’ इस का शीर्षक है। गाने में अली फजल, राधिका आप्टे, कोंकणा सेनशर्मा, गुल पनाग, दिव्या दत्ता, तनिष्ठा चटर्जी, तिलोत्तमा शोम, सयानी गुप्ता और सुचित्रा पिल्लई के साथ कई अन्य शामिल हैं।

इसके बारे में बात करते हुए नंदिता ने कहा, “डार्क इज ब्यूटीफुल अभियान किसी और के द्वारा शुरू किया गया था, लेकिन अब मैं इसका समर्थन करती हूं। इसने अपने दस वर्ष पूरे कर लिए हैं। मुझे लगता है कि सुंदर दिखने के लिए अक्सर महिलाएं दबाव में रहती हैं, जो बिल्कुल भी ठीक बात नहीं है।”

उन्होंने कहा, “वे कैसी लगती हैं इसके अलावा महिलाएं बहुत ज्यादा बुद्धिमान होती हैं। उनमें कौशल और प्रतिभा होती हैं, जिसके कारण वह जो चाहे वह कर सकती हैं।”

उन्होंने कहा, “यही कारण है कि हमने सोचा कि अब इसे नया नाम ‘इंडिया गोट कलर’ दिया जाए क्योंकि यही समय है, जब हमें विविधता का जश्न मनाना चाहिए।”

न्यूज स्त्रो आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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