उत्तर प्रदेशः भूख से परेशान मां ने पहले बेटी को खिलाया ज़हर और बाद में खुद भी की आत्महत्या

यूपी पुलिस के मुताबिक आंवला तहसील क्षेत्र के अतरछेड़ी गांव में 60 साल की राजवती अपनी 25 साल की बेटी के साथ रहती थी। राजवती का पति और उसका बेटा गांव छोड़कर जा चुका है। जिस वजह से परिवार को खुद ही अपना पालन पोषण करना पड़ रहा था।

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जयपुर। भूख से परेशान होकर पिछले साल के सितम्बर में एक महिला भात-भात कह कर मौत के मुंह तक पहुंच गई थी और उसे बचाने के लिए कोई पहुंच नहीं पाया था। इस मामले ने देशभर को झकझोर कर रख दिया था। लेकिन इसके बाद इसी साल दो और मामले झारखंड से आए, जिसमें राशन ना होने और भूखे होने की वजह से एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई थी।

उत्तर प्रदेश के बरेली में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जिसने देश मे कई लोगों के साथ हो रही भूखमरी की घटना को उजागर कर दिया है। आरोप है कि एक महिला ने राशन ना होने से अनाज ना मिल पाने और भूखे होने की वजह से इतना परेशान हो गई कि उसने अंत में पहले अपनी बेटी को ज़हर दे दिया और बाद में खुद भी ज़हर खाकर मौत को गले लगा लिया।

यूपी पुलिस के मुताबिक आंवला तहसील क्षेत्र के अतरछेड़ी गांव में 60 साल की राजवती अपनी 25 साल की बेटी के साथ रहती थी। राजवती का पति और उसका बेटा गांव छोड़कर जा चुका है। जिस वजह से परिवार को खुद ही अपना पालन पोषण करना पड़ रहा था।

राजवती की दूसरी बेटी रेखा भी थी, जिसने इस मामले की पूरी जानकारी दी। उसके मुताबिक मां ने पहले उसकी बहन को ज़हर दिया और बाद में खुद भी गोली खा ली। मां की तो मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी बहन ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

गांव वालों के मुताबिक उन्हें जो राशनकार्ड मिला था, उसे प्रशासन की तरफ से निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने नए राशन के लिए आवेदन दे रखा था, लेकिन उन्हें अब तक नया राशनकार्ड नहीं मिल पाया था।

इस बारे में बरेली के जिलाधिकारी का कहना है कि आधारकार्ड ना होने की वजह से राशन कार्ड नहीं मिल पाया था। डीएम ने दावा किया है कि परिवार को राशन दिया जा रहा था। लेकिन सवाल ये है कि जब राशन कार्ड ही नहीं था तो राशन मिल कहां से रहा था।

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