फिल्मों में एंकर की भूमिका निभाना पसंद नहीं करूंगी : मिनी माथुर

0

मिनी माथुर का कहना है कि वे कुशल टीवी होस्ट बनने के लिए वे काफी उत्साहित हैं लेकिन वे फिल्मों में एंकर का किरदार निभाना पसंद नहीं करेंगी।

एमटीवी पूर्व वीजे लोकप्रिय सिंगिंग रिएलिटी शो ‘इंडियन आयडल’ समेत कई शोज होस्ट कर चुकी हैं। उन्हें एंकरिंग पसंद है लेकिन जब बात फिल्मों में अभिनय की आती है तो वे विभिन्न किरदार निभाना चाहती हैं।

मिनी ने ईमेल के माध्यम से आईएएनएस से कहा, “मैं एंकर की भूमिका निभाना पसंद नहीं करूंगी और मुझे यह पसंद नहीं है कि लोग यह सोचें कि, मैं एंकर हूं तो फिल्मों में सिर्फ एंकर के किरदार निभाना पसंद करूंगी। मुझे विविध भूमिकाएं दीजिए।”

उन्होंने कहा, “कबीर और मेरे बीच एक समझौता है कि हम अपनी पेशेवर और निजी जिंदगी को अलग रखते हैं। मैंने उन्हें बताया कि लोग उनपर अपनी पत्नी को फिल्म में लेने का आरोप लगाते हैं और वे मानेंगे कि मेरे पास काम नहीं है इसलिए मैं उनकी फिल्म में काम कर रही हूं।”

कबीर एक व्यस्त फिल्म निर्माता हैं और मिनी एक व्यस्त टीवी होस्ट।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleइस सिंगर ने लिया था सलमान खान से पंगा, जानें रोचक बातें
Next articleश्रीलंका बम धमाकेः ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया से पढ़ कर श्रीलंका में बसने लौटा था हमलावर
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here