क्या 45000 के स्तर को छुएगा सोना?

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कोरोना के कहर के कारण वैश्विक बाजार में पीली धातु के प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ गया है जिसके कारण सोने का भाव अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सात साल के ऊंचे स्तर पर चला गया है जबकि भारतीय बाजार में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। बीते सप्ताह देश के हाजिर बाजार में सोने का भाव 44,000 रुपये (जीएसटी के साथ) प्रति 10 ग्राम को पार कर गया। ऐसे में देखना होगा कि क्या अल्पावधि में सोना 45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ पाएगा।

उधर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना पिछले सप्ताह 1,651 डॉलर प्रति औंस तक उछला और कोरोना के प्रकोप के कारण निवेश के सुरक्षित साधन के तौर पर पीली धातु के प्रति निवेशकों का आकर्षण देखते हुए माना जा रहा है कि सोना आने वाले दिनों में 1,700 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ सकता है। ऐसे में अगर भारतीय सर्राफा बाजार में भी सोना 45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर जाए तो इसमें कोई अचरच नहीं होगा। कमोडिटी बाजार विश्लेषक भी सोने में अल्पावधि में 1,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।

केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने में आई तेजी और घरेलू मुद्रा रुपये में डॉलर के मुकाबले आई कमजोरी से सोने के दाम को सपोर्ट मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अल्पावधि में सोने में 1,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आ सकती है।

घरेलू बाजार में महंगी धातुओं में आई हालिया तेजी के बाद लिवाली कमजोर पड़ गई हालांकि शादी का सीजन जोर पकड़ने के पर मांग बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वलेर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले सप्ताह 24 कैरट सोने का भाव 44,011 रुपये प्रति 10 ग्राम तक चला गया जबकि बिना जीएसटी के सोने का भाव 42,729 रुपये प्रति 10 ग्राम तक था।

आईबीजेए के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने बताया कि घरेलू बाजार में सोने और चांदी में तेजी अंतर्राष्ट्रीय बाजार से प्रेरित है लेकिन ऊंचे भाव पर मांग कमजोर है। उन्होंने कहा कि महंगी धातुओं में आगे बहुत ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

वहीं, चांदी का भाव शुक्रवार को भारत के हाजिर बाजार में जीएसटी के साथ 50,046 रुपये प्रति किलो तक चला गया। कारोबारियों के अनुसार, सोने में आई तेजी से चांदी के भाव को भी सपोर्ट मिल रहा है।

भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शुक्रवार को सोने का अप्रैल एक्सपायरी अनुबंध पिछले सत्र के मुकाबले 652 रुपये यानी 1.55 फीसदी की तेजी के साथ 42,691 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ जबकि कारोबार के दौरान सोने का भाव 42,790 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला।

वहीं, चांदी का मार्च अनुबंध एमसीएक्स पर बीते सप्ताह के आखिरी सत्र में 478 रुपये यानी एक फीसदी की तेजी के साथ 48,376 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ जबकि कारोबार के दौरान चांदी 48,589 रुपये प्रति किलो तक उछली।

वहीं, अंतर्राष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर शुक्रवार को सोने का मार्च अनुबंध 25.45 डॉलर यानी 1.57 फीसदी की तेजी के साथ 1,645.95 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ जबकि कारोबार के दौरान सोने को भाव 1,651.85 डॉलर प्रति औंस तक उछला जोकि फरवरी 2013 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

वहीं, चांदी का मार्च अनुबंध कॉमेक्स पर 0.75 फीसदी की तेजी के साथ 18.45 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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