मिल-जुलकर प्रेम, सद्भाव के साथ कार्य करते रहेंगे : नीतीश कुमार

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां सोमवार को महाराणा प्रताप के सिद्धांतों को याद करते हुए कहा कि हम सभी भी मिल-जुलकर प्रेम, सद्भाव के साथ कार्य करते रहेंगे। नीतीश पटना में आयोजित राष्ट्ररत्न महाराणा प्रताप स्मृति समारोह को संबोधित करते हुए पटना में राणा प्रताप की प्रतिमा लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “अपनी विभूतियों से संबंधित जो भी काम होंगे, हमलोग करते रहेंगे। हमलोगों ने समाज के हर तबके के लिए काम किया है। न्याय के साथ विकास के संकल्प के साथ समाज के हर तबके और हर इलाके का विकास किया है।”

नीतीश ने महाराणा प्रताप को याद करते हुए कहा कि उन्हें समाज के हर तबके से लगाव था। भील समुदाय के साथ वे पंगत में भोजन करते थे। सेना में उन्होंने दलित भांगर बिरादरी को शामिल किया था। अकीम खान सुरा को उन्होंने अपनी सेना की कमान सौंपी थी। भामाशाह का भी इन्हें भरपूर सहयोग मिला था। दलित, अल्पसंख्यक, महिलाओं के प्रति उनका सम्मान का भाव था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप की स्मृति में ऐसे आयोजन से उनके कार्यो और उनके व्यक्तित्व को याद कर नई पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेती रहेगी। महाराणा प्रताप ने सभी वर्गो का साथ लिया और समय आने पर उनका सम्मान भी किया।

उन्होंने कहा, “हम सबों को भी एक-दूसरे का सम्मान करते हुए समाज में टकराव के माहौल को समाप्त करना है।”

महाराणा प्रताप को देश की मिट्टी के लाल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम उनके कामों को भी याद करते हैं। हमलोग इतिहास के महत्वपूर्ण लोगों और विभूतियों को याद करते हैं, जिससे नई पीढ़ी उनसे प्रेरित होती रहे। उन्होंने कहा कि हाल ही में बापू के कार्यो को भी याद करते हुए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।”

इस कार्यक्रम को जदयू अध्यक्ष और सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह, सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री जयकुमार सिंह ने भी संबोधित किया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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