17 साल पहले हो चुकी पत्नी की मौत, मृत अवशेषों के साथ रह रहा पति

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दोस्तों, आज हम आपको प्यार का एक ऐसा मामला बताएंगे जिसके बारे में जानकर आप भी चौंक जाएंगे । बता दें कि, ये मामला वियतनाम के रहने वाले ली वान का हैं, जिनकी पत्नी की मृत्यु करीब 17 साल पहले हो गई थी । मगर वो अपनी पत्नी को भूल नहीं पाए और आज भी अपने पत्नी के मृत अवशेषों के साथ में रह रहे हैं । वान ने इन अवशेषों के लिए प्लास्टर का एक स्टैच्यू बनाया है और रोज इन्हें स्टैच्यू के साथ रखकर वहीं सोते हैं । वान के इस स्टैच्यू का सबसे पहले लोगों को 2009 में पता चला था और तब उन्होंने इसे अफवाह माना था मगर धीरे-धीरे उनके पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने इसका विरोध जताया । आपको जानकर हैरानी होगी कि, वान ने अपनी पत्नी के अवशेष उसे दफनाए जाने के बाद कब्र खोदकर निकाले थे और बाद में इससे स्टैच्यू बनाया । उनका कहना है कि भले ही लोग इस स्टैच्यू का विरोध करें मगर वह इसे नहीं छोड़ेंगे । वान पिछले दो सालों से अब व्हीलचेयर पर हैं। इसके बावजूद हर रात अपनी पत्नी के स्टैच्यू के पास उसके अवशेष रखना नहीं भूलते।

सूत्रों के अनुसार, वान रोज इस स्टैच्यू के कपड़े बदलते हैं और इसका मेकअप भी करते हैं । वान कहते हैं, जब मेरी पत्नी जिंदा थी तो उसने कभी खूबसूरत कपड़े नहीं पहने, इसलिए अब मुझे उसे सुंदर कपड़े पहनाने हैं । इसके बारे में वान का कहना है कि, मैं जानता हूं कि लोग मुझे पागल कहते हैं क्योंकि उनका कहना है कि मैं एक मृत शरीर का ध्यान रखता हूं । उनके बच्चों से लेकर पड़ोसियों तक हर कोई इसका विरोध कर चुका है। मगर वान का कहना है कि वह अपनी बीवी के बिना नहीं रह सकते हैं, इसलिए ये अवशेष तो अपने पास ही रखेंगे ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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