आखिर क्यों राहुल गांधी ने मोदी की तुलना भगोड़े से की (राउंडअप)

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उनकी तुलना देश के प्रमुख भगोड़ों से कर दी और संदेह जताया कि वह भी नीरव मोदी, विजय माल्या और ललित मोदी की तरह ‘भाग सकते हैं’। राहुल ने मुंबई के उपनगर गोरेगांव में यहां पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “नीरव मोदी और मेहुल चोकसी 35,000 करोड़ रुपये लेकर भाग गए, विजय माल्या 9,000 करोड़ रुपये लेकर भाग गया और यहां तक कि ललित मोदी भी फरार हो गया..लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा..वह भी भाग जाएंगे।”

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और मोदी पर बड़ा हमला बोलते हुए राहुल ने दावा किया कि मोदी की आवाज से अब ‘डर’ का पता चलता है।

राहुल ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, “उनकी आवाज में घबराहट है। प्रधानमंत्री केवल भाषण के जरिए देश को चला रहे हैं। लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं, क्योंकि मैं सच्चाई का सिपाही हूं।”

उन्होंने कहा, “मोदी ने कहा था कि वह देश के चौकीदार बनेंगे, प्रधानमंत्री नहीं। लेकिन इसके बदले वह केवल 15 से 20 धनी लोगों के चौकीदार हैं।”

राहुल ने कहा कि देश मोदी के ‘झूठ’ से जूझ रहा है, जबकि कांग्रेस हमेशा सत्य के लिए खड़ी रहती है।

आगामी लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता की ओर इशारा करते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस और अन्य पार्टियां एकसाथ मिलकर भाजपा को हरा देंगी।

राहुल ने कहा, “गुजरात में, आप मुश्किल से बच पाए..कर्नाटक में आपको बाहर कर दिया। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आप कहीं भी नजर नहीं आएंगे। कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां संगठित होकर आपको उखाड़ फेंकेगी।”

नबंबर 2016 के नोटबंदी का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आमलोग जो 500 या 1000 रुपये के साथ अपना गुजर-बसर कर रहे थे, उन्हें अचानक से अधर में लटका दिया गया, क्योंकि सरकार ने हास्यास्पद रूप से इन नोटों को प्रचलन से बाहर कर दिया।

उन्होंने कहा, “लेकिन जयेश शाह(अमित शाह के बेटे) को इससे परेशानी नहीं उठानी पड़ी और वह काफी कम समय में अपने 50,000 रुपये को 80 करोड़ रुपये में बदलने में सफल रहे।”

भाजपा और मोदी पर पूरे देश में नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भारत को संगठित किया है और सबको एक साथ लेकर चला है।

राहुल ने कहा, “आम भारतीय जिन्होंने भाजपा के लिए वोट किया, उन्हें प्रधानमंत्री पर विश्वास था, लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि मोदी ने उनके विश्वास के साथ धोखा किया है। किसान अपने उत्पादों की उचित कीमत की आशा कर रहे थे, लेकिन अब वे अकेले मर रहे हैं और प्रधानमंत्री उनके साथ नहीं हैं। उन्होंने सभी को रोने को मजबूर कर दिया है।”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यकर्ता द्वारा दायर मानहानि के एक मामले को लेकर राहुल ने कहा, “हमारी लड़ाई विचारधारा और व्यवस्था की है। वे मेरे खिलाफ चाहे जितने भी मामले अदालत में दायर करें..मैं उनके खिलाफ लड़ाई जारी रखूंगा, मुझे कोई चिंता नहीं है।”

इससे पहले भिवंडी अदालत के न्यायाधीश ए.आई. शेख ने राहुल को गवाहों के कटघरे में खड़ा होने के लिए कहा, और उनके खिलाफ आरोपों को पढ़कर सुनाया। राहुल ने इन आरोपों को स्वीकारने से इंकार कर दिया।

सुनवाई की अगली तारीख 10 अगस्त तय हुई है।

राहुल जब मुंबई हवाईअड्डे पहुंचे, तो उनके स्वागत में हवाईअड्डे के बाहर सड़कों पर ‘भावी प्रधानमंत्री’ लिखे होर्डिग्स लगे दिखाई दिए। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम, जनार्दन चंदुरकर, भाई जगताप, राजू वाघमारे और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने राहुल का स्वागत किया।

राहुल यहां से ठाणे जिले से सटे भिवंडी अदालत के लिए प्रस्थान कर गए, जहां चार साल पहले उनके खिलाफ आरएसएस के एक कार्यकर्ता द्वारा दायर मानहानि के मामले में आरोप तय होने थे। इस दौरान भिवंडी अदालत किले में तब्दील था।

राहुल पर आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने मामला दर्ज करवाया था। राजेश ने मार्च 2014 में एक चुनावी रैली में राहुल गांधी के शब्दों पर विरोध जताया था, जिसमें राहुल ने महात्मा गांधी की हत्या के लिए आरएसएस को दोषी ठहराया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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