जब शिवराज से नाराज नहीं होता तो सिंधिया से नाराज क्यों होंगे : कमलनाथ

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पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ चल रही खींचतान की चर्चा के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि जब वह शिवराज सिंह चौहान से नाराज नहीं होते तो सिंधिया से क्यों होंगे। पिछले दिनों सिंधिया ने टीकमगढ़ में अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग का समर्थन करते हुए कहा था कि वह उनका साथ देने सड़क पर उतरेंगे। इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ की तल्ख टिप्पणी आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि सड़क पर उतरना है तो उतर जाएं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चा थी कि सिंधिया और मुख्यमंत्री के बीच दूरियां बढ़ गई हैं।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को संवाददाताओं के सवालों के जवाब में आपसी खींचतान की चर्चा पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा, “मैं किसी से नाराज नहीं होता। जब शिवराज सिंह चौहान से नाराज नहीं होता तो सिंधिया से क्यों नाराज होऊंगा।”

इससे पहले सिंधिया ने रविवार को ग्वालियर में एक बार फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा था, “मैं जनसेवक हूं और जनता के मुद्दों के लिए लड़ना मेरा धर्म है। मैंने पहले भी कहा है कि सब्र रखना है, क्योंकि प्रदेश की सत्ता में अभी हमें एक साल हुआ है। लेकिन लोगों को दिए गए हर वचन को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है और इसे पूरा करना होगा। वचन पूरे न होने की स्थिति में हम बिल्कुल सड़क पर उतरेंगे।”

सिंधिया के बयान और उस पर कमलनाथ की प्रतिक्रिया के बाद सरकार के कई मंत्री आमने-सामने आ गए। इमरती देवी और प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि सड़क पर सिर्फ सिंधिया ही नहीं, पूरी कांग्रेस उतरेगी। वहीं मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने दोनों नेताओं को वरिष्ठ बताते हुए आपस में बात करने पर जो दिया था। साथ ही कहा था कि हम सत्ता में हैं तो सड़क पर क्यों उतरेंगे। विपक्ष का काम है सड़क पर उतरना।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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