पुलवामा हमले में पाकिस्तान की स्वीकारोक्ति के बाद कांग्रेस चुप क्यों : Rajnath Singh

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को अपने बिहार दौरे के क्रम में पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान की स्वीकारोक्ति के बाद कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस आखिर अब इस मामले में चुप क्यों है। सिंह शुक्रवार को बिहार के पीरपैंती, मोतिहारी और वैशाली क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदमों का भी कुछ लोग विरोध करते हैं।

उन्होंने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा, “हमले के बाद जब पाकिस्तान द्वारा हमला करने का जिक्र किया गया था, जब कांग्रेस विरोध कर रही थी, अब जब पाकिस्तान ने असंेबली में स्वीकार कर लिया तो कांग्रेस चुप्पी साध ली है।”

राजनाथ सिंह ने कहा, “अगर आजादी के बाद नेताओं ने किए गए वादों को आंशिक तौर पर भी पूरा किया होता तो देश का भाग्य बदल जाता।”

कश्मीर से धारा 370 को हटाया जाना, श्रीराम मंदिर निर्माण का रास्ता निकालना, नागरिकता कानून में संशोधन की चर्चा करते हुए कहा कि हम जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। उन्होंने बैंक खाता खुालने की चर्चा करते हुए कहा इससे किसानों और लाभुकों की सबसिडी सीधे लोगों तक पहुंच रही है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “नीतीश जी के दामन पर आज तक भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं है। नीतीश ने बिहार में औरों की तरह चारा खाने का काम नहीं किया है। नीतीश जी ने गरीबों के घर-घर राशन भेजने का काम किया है।”

उन्होंने भोजपुरी भाषा में हंसते हुए कहा कि भैया लालटेन फूट गईल, तेल बह गईल, ना पंजा चली ना ओकर खेल चली। चलाइए तीर, छोड़िए लालटेन। तीर चलाइये, लालटेन बुझाइये और कमल फूल खिलाइये।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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