कांग्रेस राजस्थान व पंजाब के श्रमिकों की मदद क्यों नहीं कर रही : दिनेश शर्मा

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प्रवासी मजदूरों के लिए बसों के इंतजाम को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के मन में सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस पंजाब और राजस्थान में प्रवासियों के लिए बसें क्यों नहीं उपलब्ध करवा रही है? जब कोटा में उत्तर प्रदेश के छात्र भूख से बिलख रहे थे, बीमार थे, तब अशोक गहलोत सरकार को दया क्यों नहीं आई? डॉ. शर्मा ने बुधवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने परिवहन की बसों का जो वीडियो बनाया, वे बसें राजस्थान परिवहन विभाग की हैं। राजस्थान व पंजाब के श्रमिकों की मदद कांग्रेस क्यों नहीं कर रही है?

उन्होंने कहा कि कोटा में फंसे छात्रों को कांग्रेस के लोग इन बसों से कम से कम बॉर्डर पर ही छोड़ देते। तब ये बसें कहां गई थीं?

डॉ. शर्मा ने कहा कि तब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 630 बसें भेजकर अपने छात्र-छात्राओं को वापस बुलाया और सुरक्षित तरीके से उनके घरों तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तब स्वयं योगी सरकार की इस पहल की तारीफ की थी। एक राजनीतिक दल कैसे इतनी बसें निजी तौर पर एकत्रित कर सकता है। इन बसों को किस हैसियत से चलाया जाए?

उन्होंने कहा, “कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा द्वारा जो 1000 बसों की सूची दी गई थी, उसमें 460 बसें फर्जी निकलीं, जिनका फिटनेस भी नहीं है। इसके अलावा 98 एम्बुलेंस, ऑटो, बाइक और 68 वाहनों के कागज ही नहीं थे।”

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस ने जो सूची दी थी, उसमें 460 बसें फर्जी हैं और उसमें भी 297 कबाड़ की हालत में हैं। 297 बसों की कोई फिटनेस नहीं है। इनमें 98 थ्रीव्हीलर, कार और एंबुलेंस हैं जिनके डिटेल दिए गए हैं। क्या उत्तर प्रदेश सरकार अनफिट बसें चलाकर श्रमिकों की जान के साथ खिलवाड़ करे?

डॉ. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में शुरू से दिग्भ्रमित कर रही है। सरकार कोरोना महामारी के समय मरीजों के उपचार में लगी है। प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित तरीके से घर पहुंचा रही है। प्रवासी श्रमिकों की स्क्रीनिंग और स्केलिंग कर रही है। उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में पहुंचा रही है, जबकि कांग्रेस ओछी राजनीति में लगी है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस चाहती है कि सरकार इनकी घटिया सियासत में उलझे, जिससे श्रमिकों की समस्याओं पर ध्यान न जाए।”

डॉ. शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार चाहती तो सीधे मदद कर सकती थी। वह राजस्थान में पैदल चल रहे श्रमिकों को इन बसों से पहुंचा सकती थी। इसी तरह पंजाब और महाराष्ट्र से भी बसें भेजी जा सकती थीं। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विधायक भी सवाल उठा रहे हैं कि इन बसों को खाली भेजने की क्या जरूरत थी, इनसे प्रवासी श्रमिकों को भेजा जा सकता था।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने केवल मीडिया कवरेज में आने और उत्तर प्रदेश के अच्छे कार्यों को प्रभावित करने, गुमराह करने के लिए नाटक किया। इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है। नियमों का पालन किया जाएगा।

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

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